US Election 2020: Corona महामारी से लेकर नस्लीय तनाव पर मजाक तक, डोनाल्ड ट्रंप की हार में अहम रहे ये 10 कारण

  • US Election 2020 राष्ट्रपति की कुर्सी से दूर हुए डोनाल्ड ट्रंप
  • अर्थव्यवस्था से लेकर भारतीय वोटर्स तक, कई मुद्दों ने रोका ट्रंप का रास्ता
  • ट्रंप को इस बार 7 करोड़ से ज्यादा वोट मिले

By: धीरज शर्मा

Published: 09 Nov 2020, 11:20 AM IST

नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव ( US Election 2020 ) में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर ली है। उनकी जीत के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप को हार का सामना भी करना पड़ा है। हालांकि अपनी हार ना पचा पाने के चलते ट्रंप ने पहले ही कह दिया था कि वे कानूनी लड़ाई लडेंगे। लिहाजा उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख भी कर लिया है। बताया जा रहा है कि यहां उन्हें बहुत हद तक राहत नहीं मिलने वाली है।

ऐसे में अब ट्रंप के दोबारा सत्ता में लौटने की उम्मीदें लगभग न के बराबर ही हैं। ऐसा नहीं है कि डोनाल्ड ट्रंप का प्रदर्शन खराब रहा। रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के बीच उन्होंने जबरदस्त जनमत भी हासिल किया, लेकिन बावजूद इसके वो जीत का सिलसिल जारी नहीं रख पाए। आईए जानते हैं कि आखिर वो क्या बड़े कारण रहे जिसकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप की शिकस्त हुई।

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1. लीक से हटकर चले
रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की हार की बड़ी वजहों में उनका लीक से हटकर चलना एक अहम वजह माना जा रहा है। हालांकि इसी दम पर उन्होंने अपना पहला चुनाव भी जीता था, लेकिन इस बार बाजी पलट गई।

2. कोरोना महामारी
कोरोनावायरस को डोनाल्ड ट्रंप का गलत तरीके से हैंडल करना भी अहम कारण है। ट्रंप ने महामारी पर पहले तो चीन को घेरा और फिर लाखों लोगों के मरने की भविष्यवाणी की। राज्यों के गवर्नरों से लॉकडाउन को लेकर भिड़े।

3. अर्थव्यवस्था
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था में थोड़ी बढ़ोतरी तो हुई है लेकिन कोरोना काल में अमेरिका की अर्थव्यवस्था को गहरी चोंट पहुंची है जिसकी वजह से देश को अघोषित मंदी का भी सामना करना पड़ा है। लिहाजा असर वोटिंग पर दिखा।

4. अपराध और सुरक्षा
ट्रंप के कार्यकाल में जितनी हिंसा या हत्याएं हुईं ट्रंप ने हर बार अपना पल्ला झाड़ लिया। ट्रंप ने इन्हें घरेलू आतंकवाद तक कह डाला। इसकी ठीकरा भी विरोधियों पर फोड़ा।

5. भारतीय वोटर्स
ऐशियाई देशों के वोटर्स निर्णायक भूमिका के वोटर्स माने जाते हैं। इसके लिए ट्रंप ने कार्यक्रम तो खूब बनाए लेकिन नीतियां नहीं। एच-वन-बी वीजा के खिलाफ फैसले ने उन्हें भारतीयों से दूर कर दिया।

6. आक्रामक रवैया
डोनाल्ड ट्रंप ने जिस आक्रामक रवैये से कुछ मुद्दों के साथ कई मानदण्डों के खारिज किया वो लोगों को रास नहीं आया। उनके इस तरीके ने जनता को उनसे दूर कर दिया।

7. नस्लीय तनाव का मजाक
ट्रंप ने एक बार फिर नस्लीय तनाव का मजाक बनाया। , ट्विटर पर नस्लवादी भाषा का इस्तेमाल करते हुए काले लोगों को बदनाम करने के साथ गोरे वर्चस्ववादी लोगों की आलोचना ना करना महंगा पड़ गया।

8. भाषा पर काबू नहीं
अमरीका जनता ने ये भी नोटिस किया कि उनका राष्ट्रपति भाषा पर काबू नहीं रख पाता। दिग्गजों को वो भद्दी उपाधियां दे डालाता है। जैसे पूर्व वकील माइकल कोहेन को एक बार 'चूहा' कहकर बुलाना लोगों के पसंद नहीं आया

9. तानाशाही रवैया
जनता के साथ-साथ ट्रंप के समर्थक भी ये मानने लगे थे कि उनका रवैया तानाशाह जैसा है। अपनी हार को ना पचा पाने वाला उनका बयान इसी का हिस्सा था।

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10. महिलाओं में नाराजगी
महिलाओं में डोनाल्ड ट्रंप को लेकर काफी नाराजगी सुनने को मिली थी और शायद इसी वजह से पेंसिल्वेनिया, मिशीगन, विस्कॉन्सिन में जीत के साथ-साथ एरिजोना और जॉर्जिया में भी जो बाइडन को बढ़त हासिल हुई।

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