
नई दिल्ली: सीरिया में रासायनिक हमले में मारे गए लोगों पर अमरीका ने कड़ा ऐतराज जताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को 'भारी कीमत' चुकाने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति असद को एक 'जानवर भी कहा और उनका समर्थन करने के लिए रूस एवं ईरान को जिम्मेदार ठहराया। रविवार को ट्रंप ने एक के बाद एक ट्वीट कर सीरिया राष्ट्रपति को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। गौरतलब है कि सीरिया में रसायनिक हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग मारे गए हैं। हमला स्थल को सीरियाई सेना ने घेर लिया और वहां बाहरी दुनिया की पहुंच पूरी तरह से रोक दी है।
सीरिया में रासायनिक हमले में अभी तक 80 की मौत
सीरिया में रासायनिक हमलों के बाद राहत कार्यों में लगे बचावकर्मियों का कहना है कि डोमा शहर में जहरीली गैस हमले में 80 लोगों की मौत हो गई। दूसरी तरफ अमरीकी विदेश विभाग का दावा है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। पूर्वी गूटा में विद्रोहियों के कब्जे वाला डोमा आखिरी शहर है। सीरिया में द वाइट हेलमेट्स एक स्वंयसेवी संस्था ने टि्वटर पर कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में बेसमेंट में शव दिख रहे हैं। इस संस्था का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि इस खबर की अभी तक इस बात की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वाइट हेलमेट्स ने पहले टि्वटर पर 150 लोगों की मौत की बात कही थी, लेकिन बाद में इस टि्वट को हटा दिया गया।
रासायनिक हमले की खबर गलत
सीरिया की सरकार का कहना है कि रासायनिक हमले झूठ के सिवा कुछ नहीं है। गूटा में विपक्ष समर्थक मीडिया का कहना है कि इस रासायनिक हमले में एक हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक हेलिकॉप्टर के जरिए बैरल बम फेंका गया जिसमें सेरेन और टॉक्सिक नर्व एजेंट थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक शहर पर जहरीली गैस से आत्मघाती हमला किया गया है। इस हमले की वजह से मरने वालों में 10 बच्चे भी शामिल है।
अमरीकी विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
अमरीकी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि रूस सीरियाई सरकार की तरफ से लड़ रहा है। अगर जानलेवा रासायनिक हमला हुआ है तो उसे इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अतीत में सरकारें अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करती रही हैं। रूस को अनगिनत सीरियाई नागरिकों पर रासायनिक हथियारों से क्रूर हमले की जिम्मेदारी लेनी होगी।
Updated on:
09 Apr 2018 09:31 am
Published on:
09 Apr 2018 08:43 am
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