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अमेरिका के मंत्री ने चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर उठाया सवाल!

अमेरिका के विदेश मंत्री ने चीन के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों के प्रति रवैये पर कई सवाल उठाए हैं।

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अमेरिका के मंत्री ने चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर उठाया सवाल!

अमेरिकी विदेश मंत्री ने व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों पर चीन के रवैये को गलत बताया। विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि इंसान की धार्मिक स्वतंत्रता के बुनियादी अधिकार को लेकर चीन का रवैया ठीक नहीं। बता दें, अमेरिकी विदेश मंत्रालय अगले हफ्ते धार्मिक स्वतंत्रता पर तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित करने वाला है। इसमें पूरी दुनिया से नागरिक समाज के मेंबर, धार्मिक नेता, अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोग, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि तथा सरकारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

पोम्पिओ ने रोहिंया शरणार्थी मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस संकट पर ट्रंप प्रशासन म्यामां के खिलाफ ठोस कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

एक न्यूज एजेंसी से बात में उन्होंने कहा- 'विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक स्वतंत्रता के संबंध में चीन का रवैया ठीक नहीं है। इस संबंध में वह देश चिंता को बढ़ा रहा है।' यह बात उन्होंने चीन के उईगर में मुस्लिमों और तिब्बती बौद्धों के दमन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कही।

उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि दुनिया में कई जगहों पर धार्मिक स्वतंत्रता खतरे में है। इसके बावजूद अमेरिका के चीन समेत कई देशों के साथ आर्थिक, सैन्य और राजनीतिक मुद्दों पर व्यापक और जटिल संबंध हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिका जिस भी देश से संबंध रखता है, उसके केंद्र में धार्मिक स्वतंत्रता के बुनियादी मानवाधिकार निहित रहते हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका की ओर से करवाए जा रहे इस सम्मेलन में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा और हाल में घटी कुछ हिंसात्मक घटनाओं की बात भी उठ सकती है।

बता दें, अमेरिका पहले भी इस तरह के मुद्दे उठाता रहा है। इससे पहले हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के करीबी सहयोगी रहे सांसद ने पाकिस्तानी सेना पर धार्मिक कट्‌टरपंथियों के समर्थन करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पाक के इस रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।