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सीरिया के इन अड्डों को तबाह करना है अमरीका का मकसद

ट्रंप ने संकेत दिए कि ये हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक सीरिया सरकार रासायनिक हमलों का इस्तेमाल बंद नहीं कर देता।

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Syria Chemical Attack

नई दिल्ली। अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सीरिया पर सबसे बड़ा हमला लिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस से कहा कि मैंने अमरीकी सशस्त्रबलों को सीरिया के तानाशाह बशर अल असद सरकार के दोउमा में रासायनिक हमलों पर प्रतिक्रियास्वरूप उनके चुनिंदा सैन्य ठिकानों पर हमला करने के आदेश दिए हैं।

ट्रंप ने बशर को बताया हैवान
ट्रंप ने अपने संबोधन में दोउमा में हुए कथित रासायनिक हमले को मानव कृत्य नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी इंसान का काम नहीं है। यह हैवान का काम है। ट्रंप ने बताया इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की सेनाएं शामिल हैं। ट्रंप ने संकेत दिए कि ये हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक सीरिया सरकार रासायनिक हमलों का इस्तेमाल बंद नहीं कर देता।

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बी-1 बॉम्बर और फाइटर प्लेन से हो रहा हमला
पेंटागन के मुताबिक, ये हवाई हमले सीरिया के रासायनिक हथियारों के तीन भंडारगृहों को निशाना बनाकर किए गए। अमरीकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में शामिल अमेरिकी विमानों में बी-1बॉम्बर और फाइटर प्लेन हैं।

पेंटागन के मुताबिक तीन मुख्य टारगेट
सबसे पहले अमरीका के टारगेट पर दमिश्क के पास वैज्ञानिक शोध अनुसंधान इकाई आया है। ये वही स्थान है जहां सीरिया कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का उत्पादन करता है। और दूसरा टारगेट है होम्स के पास स्थित रासायनिक हथियार भंडारण इकाई। जबकि तीसरा है इसके अलावा होम्स शहर के अहम सैन्य ठिकाने।

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निशाने पर सबसे बड़ा सैन्य हवाई अड्डा
होम्स शहर स्थित सैन्य ठिकाने में सीरिया की रासायनिक हथियारों से जुड़ी सामग्री रखी जाती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक होम्स शहर के पास सीरिया का सबसे बड़ा सैन्य हवाई अड्डा है। यहां 54 सीमेंट हैंगर्स हैं और दो रनवे हैं। किसी भी आपात समय में सीरिया की रक्षा के लिए ये बेहद अहम माना जाता है। यहां लड़ाकू विमानों की कतार लगी होती है। सीरियन ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, जिन-जिन स्थानों को निशाना बनाकर हमले किए गए, उनमें सीरियाई सेना की 4वीं टुकड़ी और रिपब्लिकन गार्ड भी शामिल हैं।

टीवी पर ट्रंप के आदेश के साथ ही बमबारी शुरू
एक चैनल को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान ही दश्मिक में धमाकों की आवाजें सुनी। दमिश्क के लोग कई धमाकों की आवाज के साथ उठे। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, पूरा शहर और पहाड़ी क्षेत्र सैन्य इकाइयों से घिरे हुए हैं। सीरिया के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, देश की वायुसेना इस अमेरिकी हमले का मुस्तैदी से जवाब दे रही हैं। इस दौरान मिसाइलें दागे जाने के वीडियो भी दिखाए जाने लगे। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि इससे नुकसान हुआ है या नहीं। ऐसी खबर है कि अब तक सीरिया वायुरक्षाबलों द्वारा 13 मिसाइलें दागी गई हैं।