
संयुक्त राष्ट्रः सीरिया में कथित तौर पर रासायनिक हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक हुई। इस मीटिंग में अमरीका और रूस के प्रतिनिधियों में तीखी बहस हुई। परिषद में अमरीका की स्थाई प्रतिनिधि निकी हेली ने कहा कि रूसी सरकार के हाथ सीरियाई बच्चों के खून में सने हैं। हेली ने रूस को चेताते हुए कहा कि अगर इस मामले में परिषद कुछ नहीं करेगा तो अमरीका कुछ न कुछ करने के लिए बाध्य होगा। उधर रुस के प्रतिनिधि वैसिली नेबांजिया ने अमरीका के आरोपों से इनकार किया। नेबांजिया ने कहा कि अमरीका जानबूझ कर रूस और सीरियाई सरकार को निशाना बना रहा है। नेबांजिया ने अमरीका को धमकी देते हुए कहा कि सीरिया में रूस की सेना तैनात है। वह अमरीका की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।
रूस और सीरिया ने की जांच की मांग
रूस और सीरिया ने विद्रोहियों के कब्जे वाले डौमा शहर में कथित रासायनिक हमले की जांच की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में रूस के स्थाई प्रतिनिधि वासिली नेबेनजिया ने कहा कि सीरिया और रूसी सेना रासायनिक हथियार निषेध संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) के विशेषज्ञों को क्षेत्र का दौरा करने के लिए सभी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। सीरिया में रासायनिक हमलों से इनकार करते हुए नेबेनजिया ने कहा कि उनके देश पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
सीरिया में रासायनिक हमले की निंदा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में ब्रिटेन के स्थाई प्रतिनिधि केरन पीयर्स ने कहा कि आज की यह स्थिति शीतयुद्ध के दौरान की तुलना में अत्यधिक खराब है क्योंकि उस समय रासायनिक हथियारों के सार्वभौमिक निषेध का उल्लंघन नहीं होता था। वहीं परिषद में फ्रांस के स्थाई प्रतिनिधि फ्रांसिस डेलाट्रे ने कहा कि सिर्फ सीरिया सरकार और उनके साथी ही रासायनिक हथियारों को तैयार करने सक्षम हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस हमले को किसने अंजाम दिया। उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारेक ने भी सीरिया में रासायनिक हमले की निंदा की है। बता दें कि सीरिया के डौमा में शनिवार को कथित रासायनिक हमले में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 500 घायल हो गए थे।
Published on:
10 Apr 2018 05:19 pm
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