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अदिति सिंह का स्मृति ईरानी पर बड़ा हमला, इस बड़े घोटाले को किया उजागर, की इस्तीफा देने की मांग

कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ महासचिव एवं विधायक आदिति सिंह बोली, अमेठी आकर वह यह करना चाहती हैं.

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Aditi Singh

Aditi Singh

अमेठी. चुनाव करीब आते ही अमेठी में कांग्रेस और बीजेपी पूरी तरह आमने-सामने आ गई है। इसी क्रम में बुधवार को कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ महासचिव एवं रायबरेली सदर से पार्टी विधायक अदिति सिंह ने प्रतापगढ़ के रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा मोना के साथ एक संयुक्त प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी पर बड़े आरोप लगाए हैं। अदिति सिंह ने कहा कि गुजरात में स्मृति ईरानी अपनी निधि में हुए फ्रॉड का रिकॉर्ड नहीं दे पा रही हैं, तो वो बताएं कि जहां से सांसद हैं, जब वहां इतने घोटालों में फंसी हुई हैं, तो अमेठी में आकर क्या करेगी?

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अदिति ने पूर मामला किया उजागर-

उन्होंने कहा कि कैग द्वारा जारी रिपोर्ट नं 4 के अनुसार स्मृति ईरानी राज्यसभा सांसद रहते हुए भाजपा कार्यकर्ता की कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से अपने सांसद क्षेत्रीय विकास निधि का दुरुपयोग करने की दोषी पाई गई हैं। कैग द्वारा जारी रिपोर्ट में साफ तौर पर यह कहा गया है कि स्मृति ईरानी ने सांसद निधि की गाईड लाइन को नजरंदाज करते हुए 5.93 करोड़ की निधि का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी टेन्डर प्रकिया के भाजपा कार्यकर्ता की कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम फ्रॉड किया गया। साथ ही कैग रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के आणंद जिले में भी ग्रामीण क्षेत्र के विकास के नाम पर भी 84.53 लाख रुपए का फ्रॉड उजागर हुआ है। मंत्रालय के दिशा निर्देश को नजर अंदाज करते हुए सारे काम शारदा मजदूर मण्डली के माध्यम से 45.20 लाख रुपए पंचायत भवन की मरम्मत के लिए खर्च किये गए थे। काफी निधि शमशान घाट, स्कूल्स और अन्य निर्माण कार्यों पर खर्च दिखाया गया। परन्तु रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि वास्तव में जाँच के दौरान उन स्थलों से एक ईंट भी नहीं पायी गयी है। और जो भी भुगतान संस्था को किये गए, उनका कोई भी रिकॉर्ड न तो ग्रामसभा के पास न है और न ही नगरपालिका के पास पाया गया। इस पर पीआईएल और इंक्वायरी की गई तो वहां की सरकार ने बताया कि बहुत से काम थे जो इस संस्था के माध्यम से नहीं हुए।

स्मृति ईरानी से मांगा इस्तीफा-

उसके बाद तीन अफसरों को इन्होंने चार्ज शीट किया गया। हालांकि इस संस्था को काम देने के लिए स्मृति ईरानी का आर्डर आया था। तो अगर अफसरों को चार्ज शीट किया तो मंत्री पर क्यों नहीं कर रहे। मेरा और कांग्रेस पार्टी की उनसे मांग है कि उनको नैतिकता के आधार पर इस्तीपा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने फ्रॉड किया है।