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विधानसभा के सामने आत्मदाह करने वाली पीड़िता फिर धरने पर बैठी, लगाया जान से मार डालने का आरोप

- लखनऊ में विधानसभा के सामने आत्मदाह करने वाली पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार - पीड़िता का आरोप है कि उसकी बातें नहीं सुनी जा रहीं - पीड़िता का आरोप है कि उसे जान से मारने की मिल रही धमकी - पुलिस पर लगाया केस दबाने का आरोप

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विधानसभा के सामने आत्मदाह करने वाली पीड़िता फिर धरने पर बैठी, लगाया जान से मार डालने का आरोप

विधानसभा के सामने आत्मदाह करने वाली पीड़िता फिर धरने पर बैठी, लगाया जान से मार डालने का आरोप

अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी में गौरीगंज जिला मुख्यालय पर स्थित डीएम आफिस पर लखनऊ विधानसभा के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली युवती ने एक बार फिर न्याय की गुहार लगाई है। मंगलवार को अपने भाई के साथ धरने पर बैठी युवती ने आरोप लगाया है कि उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है। उनके मैटर को छोटा बताकर उसे बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि 17 जुलाई को युवती ने मां सोफिया के साथ विधानसभा के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। इसमें दोनों गंभीर रूप से झुलस गई थीं। 22 जुलाई को इलाज के दौरान सोफिया की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

नेताओं पर जान से मारने का आरोप

मंगलवार को धरने पर बैठी युवती ने आरोप लगाया है कि 22 जुलाई से लेकर अभ तक उसपर फोर्स लगा दिया गया है़। उसे बोलने नहीं दिया जा रहा है। नाली का मैटर बताकर फाइल को दबा दिया गया है़ इसमें कुछ नेताओं का हाथ है। पीड़ित का आरोप है कि नेता लोग लगातार उसे मारने का प्रयास कर रहे हैं, कह रहे हैं जिंदा जला देंगे मार देंगे। इसकी शिकायत के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं तो फोर्स लगा दिया जा रहा है़। पुलिस वाले कहते हैं मीडिया के सामने जाओगी तो जेल भेज दिया जाएगा। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है।

गौरतलब है कि जामो थाना क्षेत्र के कस्बे में घटना की शुरुआत नौ मई से हुई जब पड़ोसी अर्जुन और सोफिया के मध्य नाली का विवाद हुआ था। 11 मई को दोनो पक्षों ने सीओ ऑफिस में सुलह के लिए एफिडेविट दिया जो 18 मई को थाने पर आया। तत्कालीन एसओ ने सामने आकर सुलह की बात कही। इस बीच 13 मई को पुलिस ने दोनों पक्ष ने 107/16 की कार्रवाई की। 16 मई को दोनों पक्ष को नोटिस जारी हुई जो तामीला भी हुई और इसमे 21 जुलाई की तारीख लगी थी। इस बीच पीड़ित युवती आईजी रेंज अयोध्या मण्डल के यहां अपनी फरियाद लेकर गई। छह जुलाई को पुलिस ने मेडिकल के आधार पर पीड़ित पक्ष के विरुद्ध 308 की धारा को मुकदमे से हटा दिया था लेकिन इस सबसे बेखबर पीड़िता 15-16 जुलाई को अपने वकील के साथ सीओ ऑफिस के साथ पहुंची, जहां से विवेचक को बुलाकर कोर्ट में 164 के बयान के लिए भेजा गया। दीवानी न्यायालय सुल्तानपुर में कोर्ट नंबर 27 पर पीड़िता ने बयान दर्ज कराया। हालांकि इसमें कुछ खास नहीं हुआ। कोर्ट से पीड़िता को मां सोफिया और एक रिश्तेदार के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद 17 जुलाई को मां-बेटी ने लखनऊ में विधानसभा के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था।

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