
मौनी महाराज के खिलाफ लामबंद हुआ विश्व हिंदू परिषद, संपत्ति को लेकर हुआ विवाद
अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष और सगरा आश्रम के पीठाधीश्वर मौनी महाराज आमने-सामनें आ गए हैं। दोनों के मध्य जमीन को लेकर विवाद हुआ है, जो इस हद तक बढ़ा के जिस अमेठी में हजारो लोग कभी मौनी महाराज के समर्थन में सड़क पर होते थे वे अब उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
राज्यपाल को संबोधित 14 सूत्रीय मांग पत्र एडीएम को सौंपा
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में शुक्रवार को हजारों की संख्या में समर्थकों ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित 14 सूत्रीय ज्ञापन अपर जिला अधिकारी ईश्वर चंद्र को दिया। ज्ञापन में आरोप लगाया की सगरा आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महराज क्यों अपने को पीठाधीश्वर लिखते हैं जब की वह वहां के पुजारी हैं। उन पर आश्रम की संपत्ति अपने और अपने परिजनों के नाम करने के भी आरोप लगाए हैं। विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष ने आश्रम की संपत्ति से मौनी महाराज के परिजनों का नाम हटाए जाने की मांग की गई है, साथ ही उन पर आश्रम की जमीन से मिट्टी बेचने का भी आरोप लगा है। इसके अलावा सगरा आश्रम समिति का प्रबंधक मौनी महाराज द्वारा अपने भाई कप्तान दुबे को बनाए जाने पर भी ज्ञापन में आपत्ति दर्ज कराई गई है। खतौनी में बदलाव का भी आरोप लगाया गया है।
जमीन राम जानकी मंदिर के नाम पर हो
एडीएम ने बताया कि सगरा आश्रम से अटैच जो अस्थाई संपत्तियां हैं वह किसी व्यक्ति विशेष के बारे में करने की बात कही गई है। जनता की मांग है कि समस्त जमीन राम जानकी मंदिर के नाम होना चाहिए। किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर नहीं। नियमों के अंतर्गत कार्रवाई होगी वह कार्रवाई निश्चित रूप से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की दलीलों को सुनकर कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
11 Jan 2019 07:17 pm
Published on:
11 Jan 2019 07:09 pm
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