23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजीव गांधी पर पीएम मोदी की टिप्पणी के बाद खून से लिखा गया पत्र, कहा- राजनीति नहीं चाहता इसलिए चुनाव के बाद…

पीएम मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जनता नाराज है.

2 min read
Google source verification
PM Modi

PM Modi

अमेठी. पीएम मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर अमेठी की जनता नाराज है। इतना नाराज कि एक युवक ने पीएम मोदी को लेकर भारतीय मुख्य निर्वाजन आयोग को खून से पत्र लिख दिया और नसीहत दे दी पीएम मोदी वोट के लिए इतनी घटिया बातें न करें, जिससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हों। पत्र लिखने वाले का नाम मनोज कश्यप है और वह अमेठी के शाहगढ़ का रहने वाला है। उसके इस पत्र को कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया है।

ये भी पढ़ें- राजीव गांधी पर बयान को लेकर पीएम मोदी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, प्रमोद तिवारी उठाने जा रहे यह कदम

राजीव गांधी का अपमान पीड़ादाई व कष्टदाई है-

युवक मनोज लिखता है कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा भारत रतन अमेठी के सांसद रहे स्व. राजीव गांधी का अपमान पीड़ादाई व कष्टदाई है। हम सबकी नजरों में राजीव गांधी का अपमान करने वालों के लिए वही भाव है, जो उनकी निर्मम हत्या करने वालों के लिए है। उन्होंने हमें 18 वर्ष की आयु में मताधिकार के प्रयोग का अधिकार दिया। देश को मजबूत करने के लिए पंचायती राज व्यवस्था दी। कम्प्यूटर क्रांति आदि के कारण विश्व में भारत का गौरव बढ़ाने का काम किया।

ये भी पढ़ें- जुड़वा बच्चों के अपहरण-हत्या के आरोपी की जेल में मौत, पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप

उनका लहू आतंकवादियों ने गिराया था-

वह आगे लिखता है कि उनके बारे में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई सरीखे तमाम नेताओं ने आदर पूर्वक लेख लिखे थे। परन्तु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका अपमान करके करोड़ो देश वासियों को आहत किया है। हम अमेठी वासी जन-जन आक्रोशित हैं। क्योंकि उनका लहू आतंकवादियों ने गिराया था। उसका दर्द तब से आज तक अमेठी के जन-जन में है।

राजनीति नहीं चाहता इसलिए चुनाव के बाद लिखा पत्र-

ये पत्र खून से इसीलिए लिख रहा हूं क्योंकि अमेठी की पवित्र मिट्टी में राजीव गांधी की भावनाएं समाई हुई हैं। चुनाव से पहले मन किया था, लेकिन पत्र इसलिए नहीं लिखा ताकि मेरे दर्द में भी राजनीति न निकाली जाए। नरेंद्र मोदी को निर्देशित करें कि वोट के लिए इतनी घटिया बातें न बोले, जिससे करोड़ों लोगों की भावना आहत हो।