अमेठी. नेहरू गाँधी परिवार को बीजेपी द्वारा अमेठी में घेरने की कवायद लगातार जारी है। एक के बाद एक हो रही कोशिश अब अपने चरम पर है। केंद्र सरकार राहुल गांधी के अमेठी में शुरू किये गए आठ ड्रीम प्रोजेक्टों को तो बंद करा ही चुकी थी। साथ ही उनके अमेठी में ठहरने वाले मुंशीगंज गेस्ट हाउस को भी खाली करा लिया गया था। अब भाजपा राहुल गांधी को एक और बड़ा झटका देने की कवायद कर चुका है जिसमें राजीव गांधी द्वारा स्थापित बीएचईएल पर अब बंद होने का खतरा मंडराने लगा है|
पहले पेपर मिल, फिर फ्रूड पार्क और 3 आई टी, अब बीएचएल पर भी ग्रहण लगना लगभग तय हो चुका है। 1957 से अमेठी की सियासत में ऐसा पहली बार हो रहा है जब यहाँ नेहरू परिवार द्वारा विकास के लिए खींचे गए खाके को केंद्र सरकार एक-एक करके बंद कर रही है। इसी कवायद में जगदीशपुर के इंडस्ट्रियल इलाके में स्थित सरकार की महत्वपूर्ण फैक्ट्री बीएचईएल भी अब बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी है। इस फैक्ट्री को 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गाँधी और उस समय के तत्कालीन अमेठी संसद स्वर्गीय राजीव गाँधी ने इस आशय से अमेठी में आधारशिला रखी थी कि अमेठी के बेरोगार और गरीब लोगों को रोजगार मिले और अमेठी के लोग अपना घर परिवार चला सके। लेकिन जब से बीजेपी की सरकार देश में बनी है तब से अमेठी के गरीब बेरोजगार लोगों का दुर्भाग्य शुरू हो गया और अमेठी में लगी रोजगार पूरक फैक्टरियां एक के बाद एक बन्द होने लगी हैं और लोग बेरोगार होने लगे हैं। यहाँ के स्थानिय काँग्रेस नेता की मानें तो इस फैक्ट्री को बंद करने की साजिश बीजेपी सरकार में जब अटल बिहारी बाजपेई पीएम थे तब से रच रही थी। अाज जाकर भाजपा अपने मकसद में कामयाब हो गई है। यहाँ पर सैकड़ों लोग बेरोजगार होने से भुखमरी की कगार पर आ गये हैं।
इस फैक्ट्री में संविदा पर कार्य कर रहे लोगो के यूनियन अध्यक्ष की माने तो यहाँ पर लगभग 600 इम्प्लॉई काम करते थे, जिनको बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इतना ही नहीं, जो परमानेंट स्टाफ के तौर पर काम करते थे उसमें लगभग 150 लोगों को चेन्नई शिफ्ट कर दिया गया है। इनके द्वारा अधिकारियों से पूछे जाने पर उन्हें जवाब दिया जाता है कि वर्क आर्डर मिल नहीं रहा है तो संविदा कर्मियों को कैसे काम दिया जाये। इसके चलते उन्हें सेवा मुक्त कर दिया गया। इसको लेकर यहाँ के लोगों ने राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्मृति ईरानी सहित कई अन्य नेताओ को पत्र लिखकर फैक्ट्री को बंद होने से बचाने की अपील की है, लेकिन कोई भी अश्वशन नहीं मिला है।