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हार के बाद भी नहीं कम हुआ अमेठी के लिए राहुल का प्रेम, कहां यहां आता रहूंगा, मनाया इस बात का जश्न

Rahul Gandhi लोकसभा चुनाव के बाद पहुंचे अमेठी - कार्यकर्ताओं संग की हार के कारणों की समीक्षा - एक करोड़ फॉलोवर्स होने पर मनाया जश्न

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हार के बाद भी नहीं कम हुआ अमेठी के लिए राहुल का प्रेम, कहां यहां आता रहूंगा, मनाया इस बात का जश्न

अमेठी . लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में हार के बाद अपने दौरे पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अमेठी पहुंचे। अपने नेता की एक झलक पाने के लिए कांग्रेसी के जोश के आगे बारिश भी मात खा गई है। सुबह से हो रही बरसात की फिक्र किए बगैर कांग्रेसी पानी में भीग भीग कर राहुल से मिलने पहुंचे। वायनाड से सांसद राहुल गांधी अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे। ये राहुल की चुनावी हार के बाद पहला अमेठी दौरा रहा। उन्होंने कांग्रेसी नेता स्व. डॉ गंगा प्रसाद गुप्ता के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके आवास पहुंचे। यहां राहुल ने उनके परिवार वालों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके बाद राहुल ने शैक्षिक संस्थान में कार्यकर्ताओं संग बैठक की। राहुल अमेठी हार गए मगर इसके बावजूद यहां के लिए उनका प्रेम व उत्साह कम नहीं हुआ। राहुल ने कहा कि वे अमेठी आते रहेंगे। इसके साथ ही प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) भी यहां आती रहेंगी। इसके अलावा राहुल ने ट्विटर पर एक करोड़ फॉलोवर्स होने की खुशी में अमेठी में जश्न भी मनाया।

राहुल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे हार से निराश न हों बल्कि क्षेत्र में जाकर पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करें। अब वे वायनाड से सांसद हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा समय वहां देना होगा। लेकिन जब कार्यकर्ताओं को उनकी जरूरत होगी तो वे अमेठी आएंगे। यहां से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा। वहीं, बैठक में प्रवेश जिन कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिला उन्होंने गेट के बाहर जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र के खिलाफ नारेबाजी की।

एक करोड़ फॉलोवर्स का जश्न

राहुल ने ट्विटर पर एक करोड़ फॉलोवर्स का आंकड़ा पार कर लिया। इसकी खुशी उन्होंने अमेठी में जश्न मना कर की। साथ ही अपने अकाउंट पर सभी ट्विटर फॉलोवर्स का शुक्रिया अदा किया।

आगमन से पहले पोस्टर वॉर

राहुल के अमेठी आगमन से पहले जगह-जगह पोस्टर चिपकाए गए, जो कि चर्चाओं का विषय बन गया। इसमें उनके खिलाफ बातें कही गईं। पोस्टर में लिखा, 'न्याय दो न्याय दो, मेरे परिवार को न्याय दो... दोषियों को सजा दो... इस अस्पताल में जिंदगी बचाई नही गंवाई जाती है।' ये पोस्टर 26 अप्रैल को संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान जवान गंवाने वाले नन्हेलाल मिश्र के मामले के संबंध में लगाया गया। दरअसल, 25 अप्रैल को आयुष्मान योजना के कार्ड धारक नन्हेलाल मिश्र को अस्पताल में भर्ती किया गया था। लेकिन 26 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे रोहित मिश्र ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराया। मामले में जिला प्रशासन द्वारा जांच कराई गई थी, जिसमें अस्पताल के तीन चिकित्सक दोषी पाए गए थे। राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संजय गांधी अस्पताल संचालित होता है। राहुल इस अस्पताल के मुख्य ट्र्स्टी हैं।