25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वल्लभ भाई पटेल को लेकर प्रियंका गांधी के बयान पर स्मृति ईरानी का पलटवार, दिया बड़ा बयान

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा ट्विटर पर 'लौह पुरुष' 'सरदार वल्लभ भाई पटेल को जवाहरलाल नेहरू के करीबी' और 'RSS के सख्त खिलाफ थे' वाले ट्वीट पर अमेठी के जायस में भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने कटाक्ष किया है।

2 min read
Google source verification
Priyanka Smriti

Priyanka Smriti

अमेठी. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा ट्विटर पर 'लौह पुरुष' 'सरदार वल्लभ भाई पटेल को जवाहरलाल नेहरू के करीबी' और 'RSS के सख्त खिलाफ थे' वाले ट्वीट पर अमेठी के जायस में भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि अपने ट्विटर अकाउंट पर बैठकर सरदार पटेल पर और देश की जनता पर कटाक्षा करना आसान है, लेकिन उनके पदचिन्हों पर चलकर उनकी कल्पना का समर्थन करना किसी कांग्रेस पार्टी के लिए मुश्किल है। आपको बता दें कि स्मृति ईरानी अपने दो दिवसीय दौरे पर अमेठी में है।

ये भी पढ़ें- बैन के बाद पन्नी का आया विकल्प, अब इस चीज को इस्तेमाल करने का आया निर्देश, तुरंत हुआ लागू

स्मृति ने किया पलटवार-

आज देश भर मे रन फ़ॉर यूनिटी में उनकी भी भागीदारी थी। इस दौरान उन्होंने प्रियंका गांधी पर हमला करते हुए कहा कि अपने ट्विटर अकाउंट पर बैठकर सरदार पटेल पर और देश की जनता पर कटाक्ष करना आसान है, लेकिन उनके पदचिन्हों पर चलकर उनकी कल्पना का समर्थन करना ऐसी कांग्रेस पार्टी के लिए मुश्किल है। जिन्होंने संसद में धारा 370 के हटाने का भी विरोध किया। मैं इतना ही कहना चाहती हूं कि अगर सरदार पटेल में वाकई में उनकी निष्ठा होती तो जो आवाह्न प्रधानमंत्री ने किया कि हर नागरिक रन फ़ॉर यूनिटी में जुड़े, उसमें वो यहां पर मौजूद होते। लेकिन वह यहां नहीं आए। यह अपने आप में संकेत है कि पटेल जी के प्रति उनकी कितनी भावना है।

ये भी पढ़ें- 'लौह पुरुष' की जयंती पर सीएम योगी ने दिया बड़ा बयान, तो अखिलेश ने यह कहकर दे दिया भाजपा को झटका

प्रियंका ने किया था यह ट्वीट-

बता दें प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है, "सरदार पटेल कांग्रेस के निष्ठावान नेता थे, जो कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पित थे. वह जवाहरलाल नेहरू के क़रीबी साथी थे और RSS के सख़्त ख़िलाफ थे. आज भाजपा द्वारा उन्हें अपनाने की कोशिशें करते हुए और उन्हें श्रद्धांजलि देते देख बहुत ख़ुशी होती है, क्योंकि भाजपा के इस एक्शन से दो चीज़ें स्पष्ट होती हैं:
1. उनका अपना कोई स्वतंत्रता सेनानी महापुरुष नहीं है. तक़रीबन सभी कांग्रेस से जुड़े थे.
2. सरदार पटेल जैसे महापुरुष को एक न एक दिन उनके शत्रुओं को भी नमन करना पड़ता है."प्रियंका के इन विचार पर भाजपा ने हमला करते देर नहीं की और कांग्रेस महासचिव पर महापुरुषों का बांटने का आरोप लगा दिया।