Adhik Maas 2026: 33 मालपुआ दान से बदल सकती है किस्मत! जानें अपूप दान की गुप्त विधि और चौंकाने वाले लाभ

Adhik Maas 2026: अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। यह महीना खासतौर पर दान, जप और भगवान की भक्ति के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए छोटे-से छोटे शुभ कार्य का भी कई गुना फल प्राप्त होता है।

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Apr 17, 2026
अधिक मास में 33 मालपुआ दान से बदल सकती है किस्मत| Freepik

Adhik Maas 2026 Upay: हिन्दू धर्म में अधिक मास को बेहद पुण्यदायी और दुर्लभ माना जाता है, जिसमें किए गए दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है। खासतौर पर 33 मालपुआ दान की परंपरा को अत्यंत शुभ और फलदायी बताया गया है, जिसे अपूप दान भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस विशेष दान से न सिर्फ पापों का नाश होता है, बल्कि किस्मत भी बदल सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। शास्त्रों में इसके गुप्त और प्रभावशाली लाभों का भी वर्णन मिलता है। आइए जानते हैं अधिक मास में 33 मालपुआ दान की सही विधि और इसके चमत्कारी फायदे।

क्यों खास है मालपुआ दान?

शास्त्रों के अनुसार मालपुआ भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय मिष्ठान माना जाता है। यही कारण है कि अधिक मास में इसका दान करना बहुत शुभ फलदायी होता है। कहा जाता है कि 33 मालपुए दान करने से पृथ्वी दान के समान पुण्य मिलता है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है।

मालपुआ दान की सही विधि

मालपुआ दान करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। अधिक मास में गुड़ और घी से बने 33 मालपुए तैयार करें। इन्हें कांसे के बर्तन में रखें, जो पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। सबसे पहले इन मालपुओं को भगवान विष्णु को भोग लगाएं और उसके बाद श्रद्धा भाव से किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान करें। दान करते समय मन में शुद्ध भाव और निस्वार्थ भावना होना सबसे जरूरी है।

मालपुआ दान के चौंकाने वाले लाभ

अधिक मास में मालपुआ दान करने से जीवन में मिठास और संतुलन आता है। परिवार में प्रेम बढ़ता है और वैवाहिक जीवन सुखद बना रहता है। इसके अलावा घर में शांति का वातावरण बनता है और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलता है।मान्यता यह भी है कि इस दान से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है, जिससे धन और समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही ग्रह दोष शांत होते हैं और नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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Published on:
17 Apr 2026 04:24 pm
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