15 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समुद्री नाकेबंदी के बीच ईरान ने ट्रंप को दी खुली चुनौती, कहा-अंजाम भुगतने को रहें तैयार

Iran Warned America: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान रचनात्मक संवाद के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

2 min read
Google source verification

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (ANI)

Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष कम नहीं हो रहा है। दोनों ही देश एक दूसरे को नई धमकी दे रहे है। इसी कड़ी में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका को चेतावनी दी है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बुधवार को ईरान के खिलाफ बाहरी दबाव और सैन्य आक्रामकता बताते हुए कड़ा प्रहार किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में शत्रुता को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए चल रहे नाजुक युद्धविराम और राजनयिक प्रयासों के बीच इस्लामी गणराज्य पर बल प्रयोग करने का कोई भी प्रयास अंततः विफल हो जाएगा।

दबाव के आगे नहीं झुकेगा ईरान

ईरान के सरकारी मीडिया आईएसएनए के अनुसार, पेजेश्कियन ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान रचनात्मक संवाद के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन दबाव के आगे नहीं झुकेगा, क्योंकि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता का दूसरा दौर संभव है, क्योंकि इस्लामाबाद में वार्ता का पहला दौर गतिरोध में समाप्त हो गया था।

ईरान नहीं चाहता यु​द्ध

उन्होंने कहा कि हम रचनात्मक संवाद पर जोर देते हैं, लेकिन आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर नहीं होंगे। अपनी इच्छा थोपने या ईरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने का कोई भी प्रयास विफल होना तय है, और जनता ऐसे दृष्टिकोण को कभी स्वीकार नहीं करेगी। ईरान युद्ध नहीं चाहता। उनकी ये टिप्पणियां अमेरिकी द्वारा ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाकर लगाए गए नाकाबंदी के बाद बढ़े तनाव के बीच आई हैं।

अमेरिकी और इजरायली कार्रवाही पर उठाए सवाल

पेजेश्कियन ने अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा ईरान के खिलाफ हाल ही में की गई कार्रवाइयों की वैधता और नैतिकता पर भी सवाल उठाया और हमलों से नागरिक बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि किस अधिकार से और किस अपराध के लिए हमारे देश पर हमला किया गया? अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के दायरे में नागरिकों, अभिजात वर्ग, बच्चों को निशाना बनाने और स्कूलों और अस्पतालों सहित महत्वपूर्ण केंद्रों को नष्ट करने का क्या औचित्य है?

ईरान के राष्ट्रपति ने दोहराया कि यद्यपि देश शांति और राजनयिक संबंधों की तलाश में है, फिर भी वह किसी भी प्रकार की बाहरी आक्रामकता या दबाव का दृढ़ता से विरोध करेगा जो उसकी संप्रभुता को कमजोर करता है।