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Iran Internet Blackout: 47 दिनों से दुनिया से कटा ईरान, करोड़ों लोग डिजिटल अंधेरे में

NetBlocks: ईरान में पिछले 47 दिनों से इंटरनेट सेवा पूरी तरह से ठप है। जनवरी में शुरू हुए प्रदर्शनों और फिर अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण लागू इस डिजिटल ब्लैकआउट ने देश के व्यापार और रोजगार को तबाह कर दिया है।

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भारत

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MI Zahir

Apr 15, 2026

Iran Internet Shutdown 2026

Iran Internet Shutdown 2026 (Photo: IANS)

Communication Blockade: ईरान इन दिनों एक अभूतपूर्व डिजिटल और सूचना संकट का सामना कर रहा है। इंटरनेट मॉनिटरिंग और वॉचडॉग संस्था 'नेटब्लॉक्स' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में इंटरनेट सेवा लगभग पूरी तरह से ठप हो चुकी है। देश की आम जनता पिछले 47 दिनों से यानी कुल मिलाकर 1,104 घंटों से अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्टिविटी से पूरी तरह वंचित है। यह कम्युनिकेशन ब्लोकेड देश के इतिहास के सबसे लंबे और कठोर डिजिटल प्रतिबंधों में से एक बन गया है, जिसने ईरान के नागरिकों को बाकी दुनिया से एकदम अलग-थलग कर दिया है।

प्रदर्शनों से शुरू हुआ पाबंदियों का दौर

ईरान में इंटरनेट पर इस सख्त पाबंदी की नींव इस साल की शुरुआत में ही रख दी गई थी। जनवरी की शुरुआत में देश के विभिन्न हिस्सों में सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर नागरिक विरोध प्रदर्शन फिर से भड़क उठे थे। सरकार ने सूचनाओं के तेजी से फैलने और प्रदर्शनकारियों को सोशल मीडिया के जरिये एकजुट होने से रोकने के लिए सबसे पहले इंटरनेट पर लगाम कसनी कसना शुरू किया। शुरुआत में यह पाबंदी कुछ इलाकों तक सीमित थी, लेकिन जल्द ही इसका दायरा पूरे देश में फैल गया।

अमेरिका-इजरायल युद्ध ने बढ़ाई सख्ती

फरवरी के अंत में जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच सैन्य तनाव एक पूर्ण युद्ध की स्थिति में बदल गया, तब इंटरनेट शटडाउन ने एक नया और खतरनाक रूप ले लिया। राष्ट्रीय सुरक्षा और बाहरी खतरों का हवाला देते हुए, ईरानी प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को लगभग शून्य कर दिया। युद्ध की इस स्थिति में आम नागरिकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचने का कोई साधन नहीं बचा है, जिससे देश में खौफ और अनिश्चितता का माहौल है।

अर्थव्यवस्था और रोजगार पर विनाशकारी प्रभाव

इस लंबे डिजिटल ब्लैकआउट का असर सिर्फ सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। इसने ईरान की पहले से ही कमजोर अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी है। इंटरनेट पूरी तरह से बंद होने के कारण देश भर में लाखों लोगों का रोजगार छिन गया है। ऑनलाइन व्यापार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, डिजिटल मार्केटिंग और फ्रीलांस काम करने वाले युवा इस पाबंदी से सबसे ज्यादा त्रस्त हैं। छोटे-बड़े व्यवसाय जो पूरी तरह से इंटरनेट पर निर्भर थे, अब मंदी के कगार पर पहुंच गए हैं।

मानवाधिकार और डिजिटल राइट्स संगठनों ने की निंदा

मानवाधिकार और डिजिटल राइट्स संगठनों ने ईरान के इस इंटरनेट शटडाउन की कड़ी निंदा की है। वैश्विक मंचों पर इसे नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया जा रहा है। वहीं, ईरान के भीतर आम नागरिकों में भारी आक्रोश है, क्योंकि वे युद्ध और संकट के समय में अपने विदेश में बैठे परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

ईरान में सक्रिय हो सकती हैं 'स्टारलिंक'जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं

अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर बनाए हुए है कि क्या एलन मस्क के 'स्टारलिंक'जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं ईरान में गुप्त रूप से सक्रिय हो सकती हैं, ताकि आम जनता को इस सूचना ब्लैकआउट से बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा, यह भी देखना होगा कि संयुक्त राष्ट्र इस मानवाधिकार हनन पर कोई सख्त प्रस्ताव पारित करता है या नहीं।