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वैश्विक व्यापार पर गहराया संकट, ईरान ने दी बाब अल-मंदेब बंद करने की धमकी

US Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बीच बाब अल-मंदेब जलमार्ग को बाधित करने की आशंका ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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भारत

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Devika Chatraj

Jun 02, 2026

bab al-mandab strait

ईरान ने दी बाब अल-मंदेब बंद करने की धमकी (AI Image)

Iran Threatens to Close Bab al-Mandeb: मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान की ओर से हाल ही में दिए गए बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इजरायल-लेबनान संघर्ष के बीच रणनीतिक समुद्री मार्ग बाब अल-मंदेब को बाधित करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ईरान समर्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी ने बयान दिया कि यदि इजरायल द्वारा गाजा और लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो प्रतिरोध की धुरी (Axis of Resistance) जवाबी कदम उठाने के लिए तैयार है। इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ गया है।

क्या है बाब अल-मंदेब और क्यों है जरुरी?

अरबी भाषा में बाब अल-मंदेब का अर्थ होता है आंसुओं का दरवाजा। यह एक संकरा लेकिन वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो लाल सागर (Red Sea) को अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) से जोड़ता है।

कहां स्थित है यह मार्ग?

  • यमन, जिबूती और इरिट्रिया के बीच स्थित है।
  • स्वेज नहर (Suez Canal) के जरिए एशिया और यूरोप को जोड़ता है।
  • स्थान विशेष पर इसकी चौड़ाई मात्र 26 से 29 किलोमीटर है।
  • कुछ क्षेत्रों में यह मार्ग और भी संकरा होकर लगभग 3 किलोमीटर तक रह जाता है।

इस संकरे जलमार्ग से प्रतिदिन हजारों मालवाहक जहाज गुजरते हैं, जो इसे वैश्विक सप्लाई चेन की लाइफलाइन बनाता है।

वैश्विक व्यापार में इसकी भूमिका

एशिया-यूरोप व्यापार का प्रमुख मार्ग

बाब अल-मंदेब विश्व के सबसे व्यस्त शिपिंग रूट्स में से एक है। भारत, चीन, जापान जैसे एशियाई देशों के मैन्युफैक्चरिंग हब से यूरोप जाने वाला बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 10–12 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से संचालित होता है। इसमें शामिल हैं-

  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • ऑटोमोबाइल
  • मशीनरी
  • वस्त्र और उपभोक्ता वस्तुएं

ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी अत्यंत अहम

यह मार्ग केवल व्यापारिक वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति में भी इसकी बड़ी भूमिका है। रिपोर्ट्स के अनुसार प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इस मार्ग से गुजरते हैं। कतर सहित खाड़ी देशों से निकलने वाली LNG (Liquefied Natural Gas) की बड़ी आपूर्ति यूरोप और अन्य देशों तक पहुंचती है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भारी दबाव पड़ सकता है।

लंबा समुद्री मार्ग और बढ़ती लागत का खतरा

यदि बाब अल-मंदेब असुरक्षित या बंद हो जाता है, तो जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते से लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे

  • यात्रा अवधि 10–14 दिन तक बढ़ सकती है।
  • ईंधन लागत में भारी वृद्धि होगी।
  • लॉजिस्टिक्स और शिपिंग खर्च कई गुना बढ़ सकता है।
  • वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ेगा।
  • महंगाई और वैश्विक आर्थिक दबाव की आशंका।

क्या होगी परेशानियां?

वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि, ऊर्जा संकट की स्थिति, सप्लाई चेन में देरी तथा वैश्विक महंगाई में तेज उछाल ये सभी वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण हैं। इन कारकों के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ती है और आम जनता की जीवन-यापन की लागत पर भी सीधा असर पड़ता है।