
आगर-मालवा. बड़ौद विकासखंड के ग्राम रलायती में वर्षों पूर्व फूटे स्टॉप डैम की मरम्मत की मांग कर रहे ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण अब मतदान का बहिष्कार करने की चुनौती दे रहे हैं। ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रकट करते हुए गांव के प्रवेश स्थल पर एक बैनर लगा रखा है जिस पर लिखा है कि डैम की मरम्मत नहीं तो वोट नहीं।
ग्राम रलायती में १९८४-८५ के दौरान आऊ नदी पर एक स्टॉप डैम बनाया गया था जो करीब ८ वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीण इस स्टॉप डैम की मरम्मत के लिए पिछले ८ वर्षों से शिकायतें कर मरम्मत की मांग करते आ रहे हैं लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने गांव में बैठक आयोजित कर सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि इस बार विधानसभा चुनाव में किसी भी नेता को न तो गांव में प्रवेश करने दिया जाएगा और न ही किसी तरह का प्रचार-प्रसार गांव में होगा। साथ ही समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीण मतदान का बहिष्कार करेंगे। जिला मुख्यालय से महज १२ किमी दूर स्थित करीब २ हजार की आबादी वाले इस गांव के ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला अब हरकत में आता हुआ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को तहसीलदार बड़ौद एवं जल संसाधन विभाग का अमला ग्रामीणों के बीच पहुंचा और उनकी समस्या सुनी।
रबी की फसल नहीं ले पा रहे ग्रामीण
ग्रामीण गोकुल सिंह, रामचंद्र, कैलाश आदि ने बताया कि डैम की मरम्मत को लेकर विधायक, सांसद, कलेक्टर, मुख्यमंत्री हेल्पलाईन में भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कोई हमारी सुनवाई करने को तैयार नहीं है। गांव में स्थित इस डैम से बिनायगा, रलायती व पिपल्याघाटा के सैकड़ों किसानों की करीब १२०० से १५०० बीघा जमीन सिंचित होती थी, लेकिन डैम क्षति ग्रस्त होने से क्षेत्र के किसान रबी की फसल नहीं ले पा रहे हैं। बारिश में पानी एकत्रित नही होने से गांवों में जलसंकट की स्थिति बनी रहती है।
हमारे द्वारा ग्राम रलायती में स्थित स्टॉप डैम का निरीक्षण किया गया है। वाकई में वह डैम क्षतिग्रस्त है। यदि वहां बोरी बंधान हो जाएगा तो तात्कालीक रूप से समस्या का समाधान हो जाएगा। ग्रामीणों को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए समझाइश दी गई है। पुरे घटनाक्रम से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
दिनेश सोनरतिया, तहसीलदार बड़ौद
मेरे द्वारा पूरी विधानसभा में कार्य कराए गए हैं लेकिन अब समय ही नहीं बचा है। यदि रलायती गांव के ग्रामीण मेरे पास कुछ समय पूर्व आ जाते तो मैं इस समस्या का निश्चित रूप से निदान कर देता। मैं विधायक निधि से ही मरम्मत करवा देता।
गोपाल परमार, विधायक आगर