मध्य प्रदेश में एक ऐसा गांव है, जहां चैत्र दशहरे के मौके पर रावण का दहन किया जाता है। रावण दहन की ये परंपरा यहां बरसों से मनाई जाती आ रही है।
दुनियाभर में भारत अपनी परंपराओं और संसकृतियों को लेकर अलग पहचान रखता है। यहां एक ही त्योहार को अलग अलग पंरपराओं के चलते अलग अलग समय और अलग अलग ढंग से मनाया जाता है। ऐसी ही एक परंपरा के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में एक ऐसा गांव है, जहां चैत्र दशहरे के मौके पर रावण का दहन किया जाता है। रावण दहन की ये परंपरा यहां बरसों से मनाई जाती आ रही है।
आपको बता दें कि, जिले के तनोड़िया नगर के रावण टेकरी पर हर बार की तरह इस बार भी चैत्र दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया गया। गौरतलब है कि, नगर में शारदीय नवरात्रि पर रावण के पुतले को पत्थरों से मारने की वर्षों पुरानी परंपरा है। यहां चैत्र पक्ष रामनवमी के दूसरे दिन रावण दहन किया जाता है।
यहां हुआ रावण दहन
वहीं, रावण दहन की शाम को नगर में हनुमान जी के पीछे बच्चों की सेना दौड़ लगाती है। इसके बाद शाम 6 बजे बड़ा मंदिर से भगवान राम - लक्ष्मण की शोभायात्रा भजन कीर्तन के साथ शुरु हुई। जो मस्जिद चौक, रामलीला चौक, सदर बाजार, नाका चौक होते हुए उज्जैन रोड स्थित दशहरा मैदान पहुंचीं। जहां श्रीराम बने बालक ने बाण चलाकर रावण का दहन किया।
चारों और गूंज रहा था 'जय श्री राम'
आपको बता दें कि, आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। साथ ही, यहां 'जय श्री राम' के नारों की गूंज देखने को मिली। इसके बाद शोभायात्रा यात्रा रामलीला चौक पहुंची। जहां भगवान श्रीराम बने बालक का राजतिलक किया गया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।