
बड़ौद. नगर में एक माह से जमा हजारों गोवंश भूखे-प्यासे दर-दर की ठोकर खाने के साथ अब बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कई गोवंश के शरीर पर बड़े घाव दिखाई दे रहे हैं। वहीं रोज 8 से 10 गोवंश मर रहे हैं। मगर प्रशासन इन सब के बाद भी लाचार साबित हो रहा है। जिला प्रशासन ने एक माह पूर्व मात्र दो दिन में सभी गोवंश को सुरक्षित भेजने की बात कहीं थी मगर एक माह बाद भी आज तक उसके बाद प्रशासन ने इनकी सुध नहीं ली। अभी भी नगर में हजारों गोवंश चप्पे-चप्पे में भूखी प्यासी भटक हैं। हाईवे पर डग रोड से लेकर आगर रोड तक सैकड़ों गोवंश राजमार्ग पर डेरा डाले हुए है। इस कारण रोज वाहन दुर्घटना हो रही है। तहसीलदार दिनेश सोनरतिया से चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि संबंधित पशु चिकित्सक से गोवंश की जांच करवाई जाएगी। अगर किसी प्रकार की बीमारी से यह ग्रसित हैं उपचार करवाया जाएगा। नगर आ रहे गो संवर्धन बोर्ड प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष जोशी को भी अवगत करवाया जाकर गोवंश को सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था हेतु चर्चा नगर के गोभक्तों द्वारा की जाएगी।
आगर-मालवा. मंगलवार को हिन्द गोरक्षक समिति कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के नाम संबोधित एक ज्ञापन अधीक्षक भू-अभिलेख राजेश सरवटे को सौंपा गया। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने कहा कि इन दिनों सड़कों पर गोवंश बेसहारा रूप से विचरण कर रहा है।
इसके कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। साथ ही गोवंश का अवैध परिवहन भी हो रहा है। सड़कों पर विचरण कर रहे गायों को गोशाला भेजने की व्यवस्था जुटाई जाए। इस अवसर पर सिद्धार्थ माली, अमित पटेल, विवेक अजमेरा, किशन सोनी, निलेश सोनी, जितेन्द्र पटेल आदि उपस्थित थे।
ग्राम आक्या के ग्रामीणों को वितरित होने वाले राशन का वितरण केंद्र बदले जाने से परेशान हुए ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर से अनुरोध किया कि व्यवस्था को पूर्ववत किया जाए। परिवर्तन से ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने बताया आक्या में १५० से अधिक परिवार बीपीएल राशनकार्ड धारी हैं।
3 माह से सहकारी संस्था से प्राप्त होने वाले राशन के लिए परेशानी का सामना कर रहे हैं। अप्रैल तक का राशन हमें पास के ही गांव उमरपुर की संस्था से मिला करता था लेकिन उसमें परिवर्तन कर मंगवालिया कर लिया गया है। मंगवालिया हमारे गांव से ७ किमी की दूरी पर है, जिसके कारण समय पर राशन नहीं मिल पाता है। बारिश में नदी उफान पर रहती है और ऐसे में हादसों का अंदेशा भी बना रहता है। ग्रामीणों द्वारा पिछले ३ माह में कई बार जवाबदार अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन निराकरण नहीं हो पा रहा है। व्यवस्था पहले जैसी की जाए। बाबूलाल, बनेसिंह, जगन्नाथसिंह, मदनसिंह सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को पंचायत द्वारा तैयार किया गया ठहराव प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया।