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Ujjain Hotel Tragedy: 4 बच्चों को पालने के लिए छुट्टी के दिन भी काम करता था वाहिद, पत्नी बोली- कमाने वाला कोई नहीं बचा

Ujjain Shri Ganga Hotel tragedy: चार बच्चों की परवरिश के लिए वाहिद छुट्टी के दिन भी अतिरिक्त मजदूरी करता था। उज्जैन के होटल में टैंक सफाई के दौरान हुए हादसे ने परिवार का सहारा छीन लिया।
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अगार मालवा

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Akash Dewani

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Updated: 2 Nov 2026, 11:15 AM IST

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Ujjain Shri Ganga Hotel tragedy: 4 बच्चों को पालने के लिए छुट्टी के दिन भी काम करता था वाहिद खान (फोटो सोर्स- Patrika)

Ujjain Shri Ganga Hotel tragedy: परिवार की खुशियों और बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने लेकर घर से दूर गया वाहिद अब कभी लौटकर नहीं आएगा। जिस मेहनत के सहारे वह पत्नी और चार बच्चों का पेट पाल रहा था, वही रोजी-रोटी की जद्दोजहद उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गई। उज्जैन में श्री गंगा होटल के टैंक की सफाई के दौरान हुए हादसे में सुसनेर के हरिनगर निवासी वाहिद पिता सगीर खान सहित चार लोगों की जान चली गई थी। रविवार शाम जब उसका वाहिद का शरीर सुसनेर पहुंचा तो परिवार की दुनिया उजड़ चुकी थी। घर में बच्चों की परवरिश की चिंता और पत्नी के सामने भविष्य का सवाल छोड़कर वाहिद हमेशा लिए खामोश हो गया।

छुट्टी के समय भी करता था मजदूरी

वाहिद करीब तीन वर्षों से उज्जैन में रहकर काम कर रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए घर छोड़कर दूसरे शहर में मेहनत-मजदूरी का रास्ता चुना था। वह उज्जैन के एक निजी अस्पताल में सफाई का काम करता था, जहां उसे 12 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते थे। चार बच्चों और पत्नी की जिम्मेदारी के बीच यह रकम घर का खर्च चलाने के लिए पर्याप्त नहीं थी। ऐसे में वह अस्पताल की नौकरी के अलावा खाली समय में टीम के साथ निजी काम भी करता था। अतिरिक्त कमाई के लिए ही वह शनिवार रात श्री गंगा होटल में टैंक की सफाई करने पहुंचा था। उसे क्या पता था कि परिवार के लिए कुछ अतिरिक्त पैसे कमाने की कोशिश उसकी जिंदगी का आखिरी काम बन जाएगी।

जिस घर के लिए मेहनत की, वहां यादें ही बाकी

हादसे में चार लोगों की मौत की खबर ने सुसनेर में शोक की लहर फैला दी। रविवार शाम वाहिद का शरीर गृह नगर पहुंचा तो परिजनों की आंखें नम हो गई। रिश्तेदारों और समाजजनों की मौजूदगी में गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वाहिद के चले जाने के बाद पत्नी और चार बच्चों के सामने सबसे बड़ा सवाल जीवनयापन का है। जिस पिता की कमाई से घर चलता था, अब वही बच्चे पिता के साए से वंचित हो गए हैं।

होटल संचालक और सरकार की तरफ से आर्थिक मदद

उज्जैन के श्रीगंगा रेस्टोरेंट में सफाई के दौरान मौके पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ सहित प्रशासनिक अमला पहुंचा। 30 मिनट प्रशासन, होटल संचालक परिवार और सांसद फिरोजिया के बीच बातचीत के बाद होटल संचालक की ओर 30-30 लाख रुपए क्षतिपूर्ति की घोषणा की गई। फिरोजिया ने प्रदर्शन कारियों को बताया कि 4-4 लाख रुपए सीएम डॉ. मोहन यादव की ओर से तुरंत दिए जा रहे हैं। संचालक हेमंत गुप्ता ने भी कहा कि वे 30-30 लाख रुपए चारों के परिवार वालों को देंगे। हालांकि, मृतकों के परिवार ने होटल संचालक पर मामला दर्ज करने और सरकारी नौकरी की मांग की है।