रिहाई के लिए बंदियों के परिवार पिछले कई सालों से परेशान थे।
आगरा। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मशती के उपलक्ष्य में जेलों में बंद बंदियों को रिहा करने का निर्णय लिया यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने लिया। आगरा में सोमवार को चार बंदियों को रिहा किया गया। रिहाई के लिए बंदियों के परिवार पिछले कई सालों से परेशान थे। आगरा की जेल से रिहा होने के बाद बंदियों ने खुशी जाहिर की है।
जुर्माना अदा न कर पाने में काट रहे थे सजा
आगरा की जेल में बंद चार बंदियों को रिहा किया गया। जेल सूत्रों ने बताया कि जिन बंदियों की रिहाई हुई है, वे जुर्माना अदा न कर पाने के चलते जेल में सजा काट रहे थे। जेल से रिहा किए गए बंदियों के परिवारों को जब रिहाई का पता लगा, तो उनमें बहुत खुशी हुई। लेकिन, वहीं कई ऐसे बंदी अभी भी रिहाई का इंतजार कर रहे हैं, जो अपनी सजा पूरी करचुके हैं और अभी भी जेल में बंद हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार से वे कई बार अपनी रिहाई की गुहार लगा चुके हैंं
लंबे समय के बाद रिहाई
भारतीय जनता पार्टी दीन दयाल उपाध्याय जन्मशती मना रही है। पिछले कई दिनों से जनपद में कार्यक्रम किए जा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कल ही घोषणा की थी कि जेलों से ऐसे बंदियों की रिहाई की जाएगी जो आजीवन कारावास पूरा कर चुके हैं। या फिर सक्षम नहीं है। इसके बाद आगरा की जेलों में बंद चार बंदियों की रिहाई के आदेश सरकार से प्राप्त हुए थे। इनके परिजनों को सूचित किया गया। सोमवार को जेल पहुंचे परिजनों ने खुशी जाहिर की कि लंबी अवधि के बाद उनके परिजनों की जेल से रिहाई हुई। आगरा जेल अधीक्षक ने बताया कि जो बंदी रिहा हुए हैं वे छोटे छोटे मुकदमों की सजा काट रहे थे। रेलवे एक्ट में जुर्माना अदा न करने के चलते उन्हें सजा हुई थी। वहीं चोरी के मुकदमे में सजा काट रहे थे। जुर्माना अदा न कर पाने के चलते बंदी सजा काट रहे थे।