एसी बोगी में यात्रियों के साथ सफर कर उन्हें बनाते हैं निशाना
आगरा। ट्रेनों में हो रहे अपराध पर लगाम लगाने के लिए रेलवे ने खास योजना तैयार की है। बुधवार को उत्तर प्रदेश अपर के पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रेलवे वीके मौर्या ने छह राज्यों उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, रास्थान र उत्तराखंड के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अफसरों के साथ बैठक कर अपराध के बदलते तरीकों पर चर्चा की। इनसे निपटने के लिए योजना तैयार की। दूसरे राज्यों से आए अधिकारियों के साथ अपराध के तरीकों पर सुझाव और अपराधियों पर कार्रवाई को हर थाने में समन्वयक रखने के निर्देश दिए।
एसी बोगी में यात्रियों के साथ सफर कर उन्हें बनाते हैं निशाना
अपर पुलिस महानिदेश रेलवे वीके मौर्या का कहना है कि अपराधी हाईटेक हो रहे हैं। जनरल और स्लीपर कोच में सफर करने वालों को टारगेट नहीं किया जा रहा है। अब ऐसे यात्रियों को निशाना बनाया जा रहा है जो एसी कोच में सफर करते हैं। अपराधी भी उनके साथ रिजर्वेशन कराकर सफर करते हैं और अपराध की वारदातों को अंजाम देते हैं। अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यात्रियों को सचेत रहने की आवश्यकता है, तो विभाग को भी अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्होंने मध्यप्रदेश में हुए अपराध का हवाला देते हुए बताया कि पिछले दिनों एमपी सहित दूसरे स्थानों पर ऐसे शातिर गैंग पकड़े गए, जिन्होंने सौ से अधिक रिजर्वेशन कराकर यात्रियों को लूटा।
वेंडरों की कमी
अपराध पर अनधिकृत वेंडरों का हाथ होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सप्लाई और डिमांड की समस्या है। स्टेशन पर वेंडरों की जितनी जरूरत है, उससे एक चौथाई ही हैं। इसलिए अनधिकृत वेंडरों को मौका मिल रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से चेयरमैन रेलवे बोर्ड को भी पत्र लिखा जा चुका है। जीआरपी भी नकेल कस रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जीआरपी में स्वीकृत स्टाफ तो पूरा है, लेकिन अभी 30 फीसद की और आवश्यकता है।