
Mother Daughter Assault Agra:आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के बांस शोभाराम गांव में एक बेहद शर्मनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां नाबालिग से छेड़छाड़ का विरोध करने पर मां-बेटी को ही बेरहमी से पीट दिया गया। आरोप है कि जब परिवार न्याय की उम्मीद लेकर आरोपी के घर पहुंचा, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब नाबालिग किशोरी घर में अकेली थी। इसी दौरान गांव का ही एक युवक जबरन घर में घुस आया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया, जिसके बाद उसकी बड़ी बहन मौके पर पहुंच गई। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी वहां से भाग निकला, लेकिन यह घटना पूरे परिवार के लिए डर और गुस्से का कारण बन गई।
परिवार का कहना है कि यह पहली बार नहीं था जब आरोपी ने ऐसी हरकत की हो। वह पहले भी रास्ते में किशोरी को परेशान करता रहा था, लेकिन समाज में बदनामी के डर और दबाव के चलते परिवार चुप रहा। इस बार जब घटना घर के अंदर हुई, तो परिवार ने चुप रहने के बजाय आरोपी से सीधे बात करने का फैसला लिया, जो उनके लिए भारी पड़ गया।
परिवार के सदस्य जब आरोपी के घर शिकायत लेकर पहुंचे, तो वहां हालात पूरी तरह से बदल गए। आरोप है कि आरोपी पक्ष के कई लोग एकजुट हो गए और बिना कोई बातचीत किए मां-बेटी पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों को बेरहमी से पीटा गया और किसी ने उन्हें बचाने की कोशिश तक नहीं की।
घायल महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान बताया, “हम सिर्फ इंसाफ मांगने गए थे, लेकिन हमें ही पीट दिया गया। अब आरोपी पक्ष से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।” उनका कहना है कि वे बेहद डरे हुए हैं और उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। लोगों का मानना है कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। सवाल यह है कि जब पीड़ित परिवार न्याय के लिए आगे आता है, तो उसे ही हिंसा का सामना क्यों करना पड़ता है। अब सभी की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस मामले में न्याय कब और कैसे मिलेगा।