
शनिवार यानी 11 अगस्त को वर्ष 2018 का आखिरी सूर्य ग्रहण है। इसके बाद 2019 में 6 जनवरी को अगला सूर्य ग्रहण होगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि 11 अगस्त को एक साथ कई संयोग बन रहे हैं। इस दिन हरियाली अमावस्या है, साथ ही शनिवार का दिन है। सावन में शनिवार और अमावस्या का संयोग 14 साल बाद बन रहा है। इस दिन को शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इसी दिन साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी है। ऐसे में ये दिन दान पुण्य के लिहाज से बेहद खास है।
सूर्य ग्रहण कब से कब तक रहेगा
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि सूर्य ग्रहण शनिवार के दिन दोपहर 1:32 मिनट पर शुरू होगा। दोपहर 3 बजकर 16 मिनट पर इसका मध्यकाल होगा और शाम पांच बजे ये समाप्त हो जाएगा। नियमों के मुताबिक ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले सूतक लग जाएंगे। यानी 10 अगस्त की रात 1:32 से सूतक लगेंगे। लेकिन इस बार सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए सूतक का प्रभाव भी यहां न के बराबर होगा।
शनिश्चरी अमावस्या का संयोग दुर्लभ
11 अगस्त के दिन ही शनिश्चरी हरियाली अमावस्या है। हरियाली अमावस्या प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती है इसलिए इस दिन पेड़ लगाना काफी शुभ माना जाता है। वहीं इस दिन शनिवार होने व साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होने के कारण दान पुण्य करना काफी शुभ होगा।
क्या करें
पेड़ लगाएं और लगाने के लिए दान भी करें। शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक में काले तिल, काली उड़द और एक लोहे की कील डाल लें तो और अच्छा है । गरीबों व जरूरतमंदों को दान करें, भोजन कराएं। कुत्ते को रोटी दें।