
देश की राजनीति में अमिट छाप छोड़ने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हालत पिछले 24 घंटों से बेहद नाजुक है। लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखकर एम्स के विशेषज्ञ लगातार उन्हें बचाने के प्रयास में लगे हुए हैं। जानिए ऐसा क्या हुआ था अटल बिहारी वाजपेयी के साथ जिसके कारण उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई और वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर आ गए।
1988 से शुरू हुई थी स्वास्थ्य संबन्धी समस्या
वर्ष 1988 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को किडनी से संबन्धित समस्या हुई थी। उनकी हालत उस समय भी काफी गंभीर थी। उस समय अटल इलाज कराने अमेरिका गए थे। अटल ने उस समय मौत के अहसास को महसूस किया था और 'मौत से ठन गई' शीर्षक के साथ एक कविता लिखी थी। वर्तमान स्थिति में अटल का एक ही गुर्दा यानी किडनी काम करती है।
2009 में हुआ ब्रेन स्ट्रोक
वर्ष 2009 में अटल बिहारी वाजपेयी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ। उस दौरान लकवा से ग्रसित होने के कारण वे ठीक से बोल नहीं पाते थे। लिहाजा धीरे धीरे वे लोगों से कटते चले गए। यही वो समय था जब उनका एकांतवास शुरू हुआ। बताया जाता है कि कुछ समय बाद उनको डिमेंशिया की परेशानी हो गई और उन्होंने लोगों को पहचानना बंद कर दिया। हालांकि 15 सालों से अटल बिहारी वाजपेयी का इलाज कर रहे डॉक्टर रणदीप गुलरिया अटल की डिमेंशिया की रिपोर्टों को खारिज कर चुके हैं।
करीब दो महीने से हालत ज्यादा खराब
अटल बिहारी वाजपेयी की हालत करीब दो महीने से ज्यादा खराब है। 11 जून को AIIMS में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें किडनी नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण जैसी तमाम समस्याएं थीं। पिछले 24 घंटे से उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई जिसके कारण उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। बता दें कि लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर मरीज को तब रखा जाता है जब उसके शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे हृदय, फेफड़े और ब्रेन काम करना बंद कर देते हैं। उस समय लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखकर मरीज को कृत्रिम सांस देकर बचाने का प्रयास किया जाता है।