
आगरा। SC ST Act का विरोध कर रहे सवर्ण समाज को ओबीसी का समर्थन मिल रहा है। वहीं Bharat Bandh के लिए सोशल मीडिया पर तरह तरह की खबरें आ रही है। ऐसा ही एक पर्चा इन दिनों वायरल हो रहा है, जिसमें सवर्ण एकता जिंदाबाद और जागो! जागो! के नारे दिए गए हैं। इस पर्चे में एससी एसटी एक्ट के बारे में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम की जानकारी दी जा रही है। ये पर्चे किसने बंटवाएं हैं ये स्पष्ट नहीं है।
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इसका विरोध कर रहा है सवर्ण समाज
सवर्ण समाज ने एससी एसटी एक्ट के संशोधित बिल को समाज को बांटने वाला बताया है। इस एक्ट के पारित होने भाई भाई को लड़ाने का काम मोदी सरकार ने किया है। जो पर्चा वायरल हो रहा है उसमें लिखा गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि एससी एसटी एक्ट की धाराओं को लागू करने से पहले जिला स्तर पर एसपी स्तर का अधिकारी जांच करेगा। जांच में दोषी पाए जाने पर ही किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकेगा। जबकि वर्तमान भाजपा की केंद्र सरकार ने पहले जैसा ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 2018 में लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों में पास कर दिया और सभी राजनैतिक दलों ने भी इसे पास करने में अपनी सहमति प्रदान की है। सभी सवर्णों को भ्रम था कि बीजेपी सरकार सवर्णों के हित के बारे में सोचेगी। लेकिन, अब हमारा भ्रम टूट चुका है। अब हमको विश्वास हो गया है कि राजनैतिक दल, गरीब सवणों के बारे में नहीं सोच रहा है।
संगठन बनाना होगा और लड़ना होगा चुनाव
अब सभी सवर्णों को स्वयं की एक अखिल भारतीय सवर्ण संगठन बनाना होगा, फिर लोकसभा या विधानसभा के चुनावों में सवर्ण संगठन के झंडे तले अपना प्रत्याशी खड़ा करना होगा और उसको ही अपना मत एवं समर्थन देना होगा। अभी तो ये शुरुआत ही है। इस पर्चे में निवेदक के नाम पर सर्व सवर्ण समाज, आटस दिया गया है।