आगरा

भाजपा के इस कदम से जिलाध्यक्षों पर आएगा संकट

बूथ पर सत्यता को परखने के लिए लगाई गईं टीम, तीस हजार बूथों का होगा सत्यापन, झूठे कार्यकर्ताओं के मिलने पर गिरेगी जिलाध्यक्ष पर गाज
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Aug 31, 2018
BJP
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आगरा। बूथ मजबूत तो चुनाव में जीत पक्की। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ चुनाव जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव में भी जीत को दोहराना चाहती है। इस जीत के लिए पार्टी और संगठन अथक मेहनत कर रहे हैं। चुनाव के दौरान वोटर घरों से निकलकर मतदान करें और भाजपा सरकार बनाएं ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा द्वारा अपने बूथों का सत्यापन कराया जा रहा है।

फर्जी कार्यकर्ताओं और कामों पर कसेगा शिकंजा
2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी यूपी से पिछले साल की तुलना अधिक सीटें निकालना चाहती है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वार गुप्त रूप से बूथ सत्यापन का काम किया जा रहा है। आगरा में 30 हजार बूथों का सत्यापन होना है। सूत्रों के मुताबिक कई बूथों पर सत्यापन करने के दौरान कार्यकर्ता का नाम, पता और मोबाइल नंबर फर्जी मिला है। बूथ अध्यक्ष की जिम्मेदारी को और बढ़ाया गया है। सूत्रों के मुताबिक यदि अधिकांश बूथों पर सत्यापन में गड़बड़ी पाईं जाती हैं तो इसके लिए जिम्मेदार जिलाध्यक्ष या महानगर पर गाज गिरेगी। बूथ सत्यापन करने वाली टीम अपनी रिपोर्ट सीधे हाईकमान को दे रही है। ऐसे में कार्रवाई तय मानी जा रही है।

बूथ पर कम से कम 11 कार्यकर्ता
भारतीय जनता पार्टी द्वारा पिछले कई महीनों से बूथ मजबूत करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा था। बूथ अध्यक्ष भी बनाए गए। बूथ पर कम से कम 11 कार्यकर्ताओं के नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की डिटेल भरवाई गई थी। ये ऐसे कार्यकर्ता हैं जो मतदान के दिन पूरी जिम्मेवारी के साथ कमान संभालेंगे। लेकिन, कई स्थानों पर चार से पांच कार्यकर्ताओं के नाम और डिटेल फर्जी पाई गई हैं। सत्यापन करने वाली टीम द्वारा रिपोर्ट तैयार कर आलाकमान को भेजी जा रही है।

Published on:
31 Aug 2018 01:04 pm