आगरा

अमित शाह ने केन्द्रीय सेवाओं में जाटों को आरक्षण देने का वादा किया था, जाट महासभा ने दिलाई याद, देखें वीडियो

-अखिल भारतीय जाट महासभा ने दी जानकारी -कई सौ पदाधिकारियों के सामने वादा किया था -कुं. शैलराज सिंह, चौ. बाबूलाल, प्रशांत पौनिया भी थे

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Dec 16, 2019
Kaptan singh chahar

आगरा। अखिल भारतीय जाट महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर (Kaptan singh chahar) का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (Bharatiy janata party) के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह (Amit shah) ने जाटों को केन्द्र (central services) में आरक्षण (Jaat reservation) का वादा किया था। हमें आशा है कि वादा जल्दी पूरा होगा। अमित शाह इस समय भारत के गृहमंत्री (Home minister) हैं।

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कई सौ पदाधिकारियों के समक्ष वादा किया था

श्री कप्तान शास्त्रीपुरम, सिकंदरा में जय प्रकाश चाहर (JP chahar) द्वारा आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एकमात्र जाट कौम ऐसी है जो आठ राज्यों में पिछड़े वर्ग में आती है, लेकिन हमारी केन्द्र सरकार पिछड़ा नहीं मानती है। लोकसभा चुनाव से पहले जाटों को केन्द्र में आरक्षण देने का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह के सामने रखा जा चुका है। अमित शाह के साथ दिल्ली में हुई बैठक में अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंवर शैलराज सिंह एडवोकेट, चौधरी बाबूलाल और प्रशांत पौनिया भी थे। अमित शाह ने जाट महासभा के कई सौ पदाधिकारियों के समक्ष वादा किया था कि जो बन पड़ेगा, वह बहुत जल्दी करेंगे। यह 2017 की बात है।

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राजनीति से मतलब नहीं

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति से हमारा कोई लेना-देना नहीं होगा। सिर्फ समाजसेवा ध्येय है। हम ऐसे कार्य करेंगे कि आने वाली पाढ़ी, आने वाली लोग और हमारे बुजुर्ग गौरवान्वित हों।

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कुँवर शैलराज सिंह ने शुरू किया था आंदोलन

याद रहे कि उत्तर प्रदेश में जाटों को आरक्षण देने के लिए कुँवर शैलराज सिंह एडवोकेट ने जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने 31 दिसम्बर, 1999 को सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्त को ज्ञापन दिया गया था। उसी ज्ञापन को कैबिनेट की बैठक में कोट किया गया और उत्तर प्रदेश के जाटों को वर्ष 2000 में आरक्षण मिला। यूपीए सरकार ने 2014 में जाटों को केन्द्रीय सेवाओं में भी आरक्षण दे दिया था। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद 2015 में इसे समाप्त कर दिया गया। उत्तर प्रदेश में जाटों का आरक्षण चल रहा है। इसके खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दो याचिकाएं लंबित चल रही हैं। जाट महासभा इन याचिकाओं की भी निगरानी कर रही है।

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साफा पहनाकर स्वागत

अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंवर शैलराज सिंह, उत्तर प्रदेश जाट महासभा के उपाध्यक्ष लखपत सिंह चाहर, उपाध्यक्ष चौधरी गोपीचंद, प्रदेश मंत्री देवेश चौधरी, शिशुपाल चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी, चौधरी रामवीर सिंह दयालबाग, मंडल अध्यक्ष मेघराज सिंह सोलंकी, नरेश इंदौलिया, मंडल अध्यक्ष जीडी चाहर, इंजीनियर डीएस चौधरी आदि का साफा बांधकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया। स्वागत समारोह की अध्यक्षता साहब सिंह चाहर ने की। संचालन भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राना ने किया।

Published on:
16 Dec 2019 12:33 pm
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