
आगरा। पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) का दिल्ली में निधन हो गया। निधन से हर कई शोकाकुल है। इस बीच याद आती है एक घटना। मार्च, 2016 में सराफा व्यवसायी केन्द्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) बढ़ाए जाने के खिलाफ हड़ताल पर थे। तत्कालीन भाजपा विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने भीड़ के बीच जो कुछ कहा था, वह सबको अचरज में डालने वाला था। इत्तिफाक है कि इस दुनिया में न तो जगन प्रसाद गर्ग हैं और न ही अरुण जेटली।
क्या कहा था
सराफा व्यवसायियों के साथ जगन प्रसाद गर्ग ने काली टोपी और बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने सराफा व्यवसायियों को संबोधित करते हुए कहा था- ‘मोदी जी से कहेंगे वित्त मंत्री हटाओ और देश को बचाओ। जेटली लोकसभा में चुनकर नहीं आए हैं। वे ‘वहां’ से आए हैं। वे व्यापारी भी नहीं है। वकील हैं, फीस ही फीस ली है। सराफा व्यवसायियों को यह अदा बहुत पसंद आई थी।‘
रामशंकर कठेरिया के आवास पर धरना दिया था
तब आगरा के सांसद थे डॉ. रामशंकर कठेरिया। वे केन्द्रीय राज्यमंत्री थे। उनके खंदारी परिसर (डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय) स्थिति आवास पर सराफा व्यवसायियों ने धरना भी दिया था। इसी दौरान जगन प्रसाद गर्ग ने उन्हें संबोधित किया था। जगन प्रसाद गर्ग को व्यापारी अपना हितैषी मानते थे।