आगरा में सात और आठ अप्रैल को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक
आगरा। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और बसपा के गठबंधन से भाजपा को करारी हार मिली है। इस हार के बाद भाजपाई चिंतित है। आगरा में सात और आठ अप्रैल को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस हार की समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 का रोडमैप भी ताजनगरी में तैयार किया जाएगा।
इनके आने की संभावना
आगरा में होने वाली दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने की भी संभावना है। यह बैठक कई मामलों में अहम मानी जा रही है। लोकसभा चुनावों अगले साल होना है, इस दृष्टि से भी यह बैठक महत्वपूर्ण है। वहीं लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में सात और आठ अप्रैल की तिथि को लगभग फाइनल कर दिया गया है, इस बैठक के लिए दलितों की राजधानी कहे जाने वाले आगरा को चुना गया है, इसके पीछे भी पार्टी की लंबी सोच है।
चल रहा बैठकों का दौर
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पूर्व पार्टी जिला, सेक्टर और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए कवायद शुरू कर रही है। इसके लेकर आगरा में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इन बैठकों में किसी एक दिन कोई प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहेगा। बताया गया है कि प्रदेश उपाध्यक्ष पुरषोत्तम खंडेलवाल को शामली और बागपत की जिम्मेदारी दी गई है।
बांटी गईं जिम्मेदारीं
इसके साथ ही आगरा के साथ अन्य जिलों में होने वाली बैठकों की जिम्मेदारियां प्रदेश पदाधिकारियों को दे दीं गई हैं। वहीं पार्टी 6 अप्रैल को स्थापना दिवस मनाएगी। इसके साथ ही 14 अप्रैल को समरसता दिवस मनाया जाएगा। बैठक में सरकार की उपलब्धियों को घर घर पहुंचाने पर भी विचार किया जाएगा।
ये भी पढ़ें -