नीदरलैंड से आए विदेशी मेहमानों ने धनौली स्थित बाल श्रमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां पढ़ने वाले बाल श्रमिक बच्चों से बात की।
आगरा। नीदरलैंड से आए विदेशी मेहमानों ने धनौली स्थित बाल श्रमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां पढ़ने वाले बाल श्रमिक बच्चों से बात की। उनको उपहार भी प्रदान किए। साथ ही बताया कि जब बाल श्रम समाप्त होगा, तभी देश की तरक्की होती है। उन्होंने बताया कि उनकी कंट्री में बाल श्रम नहीं है, लेकिन इस दर्द को उन्होंने महसूस किया, तो यहां बच्चों से मिलने आए।
1997 से जुड़े हैं आगरा से
नीदरलैंड कार्टेल से आए रोल्डी व्रीस ने बताया कि 1997 से वे भारत आ रहे हैं। वे जब चाइल्ड लर्न कंपनी नीदरलैंड के प्रेसीडेंट और इंटरनेशनल बिल्डिंग बुड वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष थे, तब आगरा में पहली बार आए थे। यहां उन्होंने बाल श्रमिकों की स्थिति को देखा और आगरा के उत्तर प्रदेश ग्रामीण श्रमिक संगठन के अध्यक्ष पंडित तुलाराम शर्मा के साथ मिलकर इन बाल श्रमिकों के लिए एक प्रयास किया। ये प्रयास आज सफल नजर आ रहा है। जैसा सोचा था, उसके अनुरूप बाल श्रमिक विद्यालय धनौली में बच्चे शिक्षा ग्रहण करते नजर आ रहे हैं।
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बच्चों से पूछे सवाल
नीदरलैंड से आए विदेशी मेहमान रोल्डी व्रीस ने इन बच्चों से सवाल भी पूछे, कुछ बच्चों से जब अंग्रेजी में उन्होंने नाम पूछा, तो इन बच्चों ने अपना नाम बताया, अंग्रेजी में बच्चों का जवाब सुनकर विदेशी मेहमान गदगद नजर आए। इस अवसर पर तुलाराम शर्मा ने कहा कि बाल श्रमिक बच्चों के लिए एक प्रयास है, जिससे उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और इसी प्रयास के तहत संगठन लगातार कार्य कर रहा है। आज संगठन के कई स्कूल संचालित हैं, जिनमें बाल श्रमिक बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
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