Devar Record Bhabhi Bedroom Activities: भाभी पर 'तीसरी आंख' से देवर नजर रखता था। सुबह से रात तक की हर हरकतें देवर रिकॉर्ड करता था। जानिए पूरा मामला क्या है?
Devar Record Bhabhi Bedroom Activities: उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) के ट्रांस यमुना इलाके से दहेज उत्पीड़न और महिला की निजता के कथित उल्लंघन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई।
इतना ही नहीं, उसने यह भी दावा किया है कि उस पर नजर रखने के लिए घर के किचन और बेडरूम तक में CCTV कैमरे लगवा दिए गए, जिससे उसकी निजी जिंदगी पर गंभीर असर पड़ा। मामले ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
12 मार्च 2019 को पीड़िता की शादी हिंदू रीति-रिवाज से कपिल देव के साथ संपन्न हुई थी। मायके पक्ष का कहना है कि विवाह में लगभग 15 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए गए थे। इसमें सोने-चांदी के आभूषण के साथ फर्नीचर, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, 5.51 लाख रुपये नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल शामिल थी। इसके बावजूद ससुराल पक्ष के असंतुष्ट रहने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद से ही उससे वैगन-आर (Wagon R) कार और 2 लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे ताने दिए गए, अपशब्द कहे गए और मारपीट की गई। महिला का यह भी आरोप है कि दो बेटों—4 साल के कुनाल और 2 माह के रियांश के जन्म के बाद भी कथित उत्पीड़न का सिलसिला जारी रहा।
मामले का सबसे हैरान करने वाला आरोप यह है कि पीड़िता के अनुसार उसके देवर ने घर में ऐसे CCTV कैमरे लगवाए, जिनकी रिकॉर्डिंग किचन और बेडरूम तक हो रही थी। महिला का कहना है कि यह कदम उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और शर्मिंदा करने के उद्देश्य से उठाया गया। उसका आरोप है कि जब उसने कैमरों की दिशा बदलने या रिकॉर्डिंग बंद करने की मांग की, तो घर में विवाद और बढ़ गया और उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और बढ़ गया।
पीड़िता का आरोप है कि 5 नवंबर 2025 को उसके पति, देवर, सास-ससुर और देवरानी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। कथित तौर पर उसे धमकी दी गई कि अगर वह दहेज की मांग पूरी नहीं करेगी तो उसे घर से निकालकर दूसरी शादी कर ली जाएगी। शोर सुनकर जब पड़ोसी पहुंचे तो उन्हें भी डराने-धमकाने की बात कही गई है।
महिला के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 को उसे अपने दोनों छोटे बेटों के साथ घर से बाहर निकाल दिया गया। उस समय दो माह के रियांश की तबीयत गंभीर बताई गई, लेकिन ससुराल पक्ष ने इलाज नहीं कराया। बाद में मायके पक्ष ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार का पूरा खर्च उठाया। पीड़िता का यह भी कहना है कि विवाह के समय दिया गया दान-दहेज और उसका स्त्रीधन अभी भी ससुराल पक्ष के पास है, जिसे लौटाने से इनकार किया जा रहा है। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि की जा रही है।