अगले माह इसे लेकर अकोला गांव में महापंचायत होने जा रही है। यह पंचायत उसी जगह होगी, जहां वीपी सिंह, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अजीत सिंह की सभायें हो चुकी हैं।
आगरा। उत्तर प्रदेश के बंटवारे की चर्चा एक बार फिर जोर पकड़ रही है, लेकिन इसकी लड़ाई आगरा में एक वर्ष पहले शुरू हो गई थी, हालांकि इससे पूर्व भी हरित प्रदेश की मांग को लेकर आगरा में कई बार मांग उठाई गई, लेकिन एक वर्ष पूर्व शुरू हुई इस लड़ाई में ताज प्रदेश की मांग की गई। कुशल शासन चल सके और तरक्की हो सके, इसकेलिए आगरा के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सुरेन्द्र सिंह लगातार एक वर्ष से आंदोलन कर रहे हैं।
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ये लोग हैं इनके साथ
सुरेन्द्र सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि एक वर्ष पूर्व शुरू हुई इस लड़ाई का हिस्सा अधिवक्ता, व्यापारी, पर्यटन व्यवसायी, शिक्षक नेता और किसान नेता बन चुके हैं। सभी का इस मुहिम को समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश को चार नहीं, बल्कि सात से आठ भागों में बांटना चाहिये, तभी कुशल शासन चल सकेगा। उन्होंने बताया कि जब तक बंटवारा नहीं होगा, यहां की जनता का विकास नहीं होगा। आज सर्वाधिक खर्चा टीएडीए में खर्च हो जाता है, कारण है प्रदेश का बड़ा होना। एक अधिकारी का तबादला होता है, तो उसके दूसरे जिले में जाने का खर्च सरकार को उठाना पड़ता है।
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अगले माह होगी महापंचायत
सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि अगले माह इसे लेकर अकोला गांव में महापंचायत होने जा रही है। यह पंचायत उसी जगह होगी, जहां वीपी सिंह, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अजीत सिंह की सभायें हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस महापंचायत में आगरा और अलीगढ़ मंडल के लोग शामिल होंगे। इस महापंचायत के लिए जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है, जिसका लोगों को काफी अच्छा समर्थन मिल रहा है।
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