मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के प्रमुख अधीक्षक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया तंबाकू छोड़ने का बेहद आसान तरीका।
आगरा। World No Tobacco Day पर मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के प्रमुख अधीक्षक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया तंबाकू छोड़ने का बेहद आसान तरीका। इस तरीके को अपनाकर आप इस बुरी आदत से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं। डॉ. राठौर ने बताया कि तम्बाकू की आदत अधिकतर लोग एकाग्रता बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन धीरे धीरे ये आदत बन जाती है और इसके दुष्प्रभाव सामने आने लगते हैं।
इस तरह बुरी आदत से पायें छुटकारा
डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि अधिकतर देखा ये गया है कि कार्यालय में कार्य करते समय लोग तम्बाकू मुंह में डाल लेते हैं और फिर काम शुरू करते हैं। उन्होंने बताया कि हमारी एकाग्रता की क्षमता 45 मिनट होती है और जब हम कार्य लगातार दो से तीन घंटे तक करते हैं, तो ध्यान भटकता है और कार्य नहीं कर पाते हैं। इसलिए तम्बाकू का सहारा लेते हैं। यदि आप सिर्फ पांच मिनट का ब्रेक ले लें, तो आपको तम्बाकू की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि कार्य लगातार नहीं करें। 45 मिनट के बाद पांच मिनट का समय ब्रेक लें और इस समय में आप गाने सुन सकते हैं, विंडो से बाहर वाहन देख सकते हैं या फिर किसी सहयोगी से कुछ बात कर सकते हैं। इसके बाद फिर काम शुरू कर दीजिए, इससे आपको तम्बाकू लेने की आदत में काफी राहत मिलेगी।
ये है मानसिक बीमारी
डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि शुरुआती दौर में जब तम्बाकू का सेवन शुरू करते हैं, तो प्रतीत होता है, कि कुछ अच्छा लग रहा है, लेकिन धीरे धीरे इसकी आदत पड़ जाती है। यहीं से इस बीमारी की शुरुआत हो जाती है। ये बीमारी लम्बे समय तक तम्बाकू का सेवन करने से होती है। फिर एक दिन ऐसा भी आता है, कि आप तम्बाकू का सेवन न करें, तो इसका असर दिखाई देने लगता है। ये भी दो प्रकार से असर दिखाती है, मानसिक और शरीरिक। मानसिक रूप से चिड़चिड़ापन, कुछ अच्छा न लगना और शरीरिक रूप से पेट साफ न होना, ह्रदय की धड़कन बढ़ जाना, या फिर हाथ में कम्पन्न होना।
इलाज की होती है जरूरत
डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि ऐसे रोगियों के लिए इलाज की जरूरत होती है। कुछ दवाइयां दी जाती हैं और काउंसलिंग भी की जाती है। दवाइयों से शरीरिक परेशानियों को दूर किया जाता है और काउंसलिंग के माध्यम से मोटीवेट किया जाता है, जिससे इस आदत से दूर हरें। उन्होंने बताया कि कुछ दिन तकलीफ बहुत होती है, लेकिन धीरे धीरे ये आदत पूरी तरह छूट जाती है। उन्होंने बताया कि तम्बाकू छुड़ाने के लिए एक ऐसी दवा भी है, जो मन को काफी हद तक ऐसा कर देती है, कि तम्बाकू लेने की हुड़क न लगे।