कंप्यूटर ऑपरेटर अपने गर्लफ्रेंड के सपनों को पूरा करने के लिए क्राइम का रास्ता अख्तियार कर लिया। इसके बाद उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर करोड़ों के चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद कर लिया। पूछताछ में घटना के मास्टरमाइंड ने जो बताया उस पुलिस भी हैरान रह गई।
आगरा में शू फैक्ट्री से हुई 7.70 करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड फैक्ट्री का ही कंप्यूटर ऑपरेटर निकला। गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में सेटल होने के सपने ने उसने भाई और दोस्त के साथ मिलकर चोरी को अंजाम दिया।
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित रोजर शू इंडस्ट्री में 18 जनवरी की रात करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी हुई थी। अगले दिन सुबह जब फैक्ट्री खुली तो चोरी का पता चला। फैक्ट्री मालिक दीपक बुद्धिराजा ने तुरंत अज्ञात चोरों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई। मामला बड़ा था। इसलिए पुलिस ने कई टीमों का गठन कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंची। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि चोरी किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि फैक्ट्री में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर अनुपम शर्मा ने की थी। वह लंबे समय से फैक्ट्री में कार्यरत था। और अंदर की पूरी व्यवस्था, रास्तों और सुरक्षा की जानकारी रखता था।
पुलिस के मुताबिक अनुपम शर्मा ने अपने भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। वारदात वाली रात अनुपम फैक्ट्री के पीछे से अर्थिंग पाइप के सहारे टीन शेड पर चढ़ा और पहली मंजिल पर पहुंच गया। उसने शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और मालिक के ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे का रुख ऊपर कर दिया। इसके बाद लॉकर तोड़कर नकदी और कीमती ज्वेलरी बैग और बोरी में भर ली।
इस दौरान बाहर उसका भाई और दोस्त निगरानी करते रहे और आसपास लगे कैमरों से बचते रहे। चोरी के बाद तीनों फरार हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 66.33 लाख रुपये नकद, लगभग पौने चार किलो सोने की ज्वेलरी और साढ़े पांच किलो चांदी बरामद की गई है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि चोरी का लगभग पूरा माल बरामद कर लिया गया है। पूछताछ में अनुपम ने बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड की हाई-फाई जरूरतें थीं और वह उसके साथ बेंगलुरु में नई जिंदगी शुरू करना चाहता था। लेकिन आमदनी कम होने के कारण उसने चोरी का रास्ता चुना।