
पेशे से इंजीनियर गौरव ने एक महीने पहले कंपनी से नौकरी छोड़ी थी और आगरा जाने का कर रहे थे। उसने पत्नी से 20 हजार रुपये मांगने की बात कही थी। जब रात में उनके परिवार को दोनों की मौत की खबर मिली, तो दयालबाग स्थित उनके घरों में हलचल मच गई।
माता-पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
लक्ष्मी के पिता राजेश रावत दयालबाग स्थित रामा एंक्लेव में रहते हैं। बेटी की हत्या की सूचना पर गुरुग्राम के लिए निकले। उन्होंने पुलिस को बताया कि गौरव का घर उनके घर के पास ही है। उनके माता-पिता की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी थी। दोनों की शादी तीन साल पहले गौरव चाचा ने कराई थी।
नशे की लत ने उजाड़ दिया परिवार
लक्ष्मी के पिता ने आरोप लगाया कि गौरव नशे का आदी था। बेटी से अक्सर झगड़ा किया करता था। बेटी ने बताया था की गौरव अलग-अलग तरह का नशा करता था। कई बार रुपयों की मांग भी की जाती थी, जिस पर वे रुपये भी देते थे। गौरव ने एक महीने पहले नौकरी छोड़ी थी और आगरा जाने की इच्छा जता रहा था। एक हफ्ते पहले बेटी ने फोन किया था और उन्हें इस बारे में बताया था। गौरव ने 20 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन उस समय रुपये नहीं थे, इसलिए वह नहीं दिए।
रविवार रात को किसी रिश्तेदार का फोन आया और उन्होंने बताया कि लक्ष्मी की हत्या हो गई है। बाद में पता चला कि गौरव ने भी आत्महत्या कर ली है। बेटे के सिर में भी चोट है जिससे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हत्या का कारण अभी पुलिस पता कर रही है।
उन्होंने बताया कि रविवार को बेटी को फोन किया। मगर फोन लगा नहीं। फिर दामाद को लगाया। मगर उसका भी फोन नहीं लगा। रात में इस दुखद घटना की जानकारी मिली।