आगरा

अगर राजीव गांधी ने मदद न की होती तो तीस साल पहले हो चुकी होती अटल बिहारी वाजपेयी की मौत

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि आज अगर मैं जिंदा हूं तो राजीव गांधी की बदौलत।

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Aug 16, 2018
atal
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राजनीति में 'अटल' सिद्धान्तों के चलते अमिट छाप छोड़ने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बता दें कि आज से तीस वर्ष पहले यानी 1988 में भी अटल के सामने एक ऐसा समय आया था जब मौत को उन्होंने नजदीक से देखा था। उस समय उन्हें किडनी संबन्धी समस्या थी। तब इलाज कराने के लिए वे अमेरिका गए थे और वहां उन्होंने अपनी जद्दोजहद को लेकर 'मौत से ठन गई' शीर्षक से एक कविता लिखी थी। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी के 'अटल' जज्बे ने मौत को मात दे दी थी और वे सकुशल वापस आकर देश की राजनीति में सक्रिय हो गए थे। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अटल की इस जंग में उनका साथ उनके विपक्षी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने दिया था जिसके कारण उनकी जान बच सकी।

राजीव गांधी की मौत के बाद अटल ने सुनाया था किस्सा
वर्ष 1991 में जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई तो अटल बिहारी वाजपेयी बहुत भावुक हो गए थे और उस समय उन्होंने एक किस्सा सुनाया था। उन्होंने कहा था कि आज अगर मैं जिंदा हूं तो राजीव गांधी की बदौलत। जब अटल को किडनी की समस्या थी तब भारत में इसका इलाज संभव नहीं था। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वे अमेरिका नहीं जा पा रहे थे। ये बात राजीव गांधी को पता चल गई। तब राजीव गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी को अपने दफ्तर में बुलाया और कहा कि वे उन्हें संयुक्त राष्ट्र में न्यूयॉर्क जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर रहे हैं। उम्मीद है कि आप वहां जाकर मौके का फायदा उठाएंगे और अपना इलाज कराएंगे।

अटल का कहना था कि इसके बाद वे अमेरिका गए और अपना इलाज कराया और जीवित वापस लौटकर आए। वापस आने के बाद इस बात का जिक्र दोनों में से किसी ने नहीं किया। विपक्षी नेता होने के नाते दोनों अपनी भूमिका निभाते रहे और एक दूसरे की आलोचना भी की। लेकिन जब राजीव गांधी की मृत्यु हुई तो इससे अटल बहुत आहत हुए और उन्होंने भावुक होकर अपने जीवन का अनकहा किस्सा पत्रकारों से शेयर किया।

Updated on:
17 Aug 2018 04:21 pm
Published on:
16 Aug 2018 01:08 pm