आगरा

यमुना एक्सप्रेस वे पर उतरे किसान, आधा घंटे में ही मचा हाहाकार

किसानों ने रोका यमुना एक्सप्रेस वे, जमीन मुआवजे की उठाई मांग

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Jun 24, 2018
 Compensation
yamuna express way

आगरा। यमुना एक्सप्रेस वे के निर्माण के समय से किसानों में आक्रोश व्याप्त था। जमीन अधिग्रहण में मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए किसान प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों ने चेतावनी दी थी सरकारों ने यदि ध्यान नहीं दिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। रविवार को किसान आक्रोशित हो गए और यमुना एक्सप्रेस वे पर उतर आए। एत्मादपुर थाने के अंतर्गत गढ़ी रामी पर किसानों ने रास्ता जाम कर दिया। चार गांवों के सैकड़ों किसान वहां पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले किसानों को समझाबुझाकर शांत कराया। करीब आधे घंटे तक किसानों के कब्जे में यमुना एक्सप्रेस वे रहा। इससे वहां हाहाकार मच गया।

किसानों ने लगाया जाम, फंस गए वाहन
रविवार को छलेसर, गढ़ी रामी, चौगान और बंगारा गांव के सैंकड़ों किसान यमुना एक्सप्रेस वे पर प्रदर्शन के लिए उतर आए। किसानों में जेपी ग्रुप द्वारा साल 2009-11 के मध्य एक्सप्रेस वे फेसिलिटी सेंटर और टाउन शिप के लिए किए भू अधिग्रहण मुआवजे को लेकर आक्रोश था। आक्रोशित किसानों में ऐसे सैंकड़ों किसान थे, जिनकी 64.7 फीसद विकसित भूमि का अतिरिक्त मुआवजा अभी तक मिला ही नहीं है। यमुना एक्सप्रेस वे पर किसानों द्वारा लगाए गए जाम से वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर जाम खुलवाया।

भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों की ये हैं मांगें
भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों के खिलाफ 80 मुकदमे दर्ज हुए थे। सत्ता में आने पर भाजपा ने किसानों को आश्वासन दिया था कि मुकदमों को वा पस लिए जाएंगे। लेकिन, चार वर्षों में ये सिर्फ घोषणा बनकर रह गई। किसान नहीं चाहते थे कि भूमि अधिग्रहण हो। किसानों ने 25 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के लिए नहीं दी थी। लेकिन उनकी जमीन फिर भी अधिग्रहीत कर ली गई।

Published on:
24 Jun 2018 06:00 pm