
आगरा। छह जून से जिले में फल, दूध, सब्जी जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई बंद हो सकती है। जी हां, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किसानों के हित में चलाई जा रही ऋण माफी योजना समेत अन्य किसी योजना का उन्हें लाभ नहीं मिल पाने वे काफी परेशान हैं। किसानों की हड़ताल के चलते आमजन के लिए रोजमर्रा की इन चीजों की सप्लाई बंद होने से संकट खड़ा हो सकता है। दूसरे राज्यों की तरह प्रदेश के आगरा में भी किसान अब लामबंद होने लगे हैं। अलग-अलग संगठन अपनी -अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चाहर ने इलाके के विभिन्न गांवों में जाकर किसानों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कई गांवों में चौपाल लगाकर किसानों से छह जून से आगरा में व्यापक हड़ताल शुरू करने की अपील की है। कहा कि एकजुट होने से उन्हें उनका हक मिल सकेगा।
सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चाहर ने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से जनसंपर्क के दौरान प्रदेश सरकार की योजनाओं और नीतियों को लेकर तमाम सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। इसी के चलते जो योजनाएं किसानों के लिए चलाई गई हैं। उनका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अपना हक पाने के लिए किसानों को आगे आना ही होगा।
रालोद भी सरकार के विरोध में मोर्चा खोलने को तैयार
दूसरे राज्यों में किसानों की हड़ताल का समर्थन करने वाली राष्ट्रीय लोक दल उत्तर प्रदेस में भी भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार है। आगरा में इसके लिए पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर ने किसानों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। उन्होंने किसानों से कहा कि पिछले दिनों आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ। लेकिन सरकार की ओर से किसानों को कोई मदद नहीं मिली। प्रदेश सरकार की ऋम माफी योजना उनके किसी काम नहीं आई। एेसे में अपना हक हासिल करने के लिए किसानों को एकजुट होना ही पड़ेगा।
किसानों गुमराह कर रहा है प्रशासनः मोहन सिंह चाहर
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह चाहर का कहना है कि किसानों को सरकार की ऋण मोचन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आंधी, तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद होने से किसान पूरी तरह टूट गया है। शासन से 52 करोड़ रुपये किसानों के लिए जारी हुआ था लेकिन प्रशासन ने किसानों को इसका लाभ नहीं लेने दिया। प्रशासन लगातार किसानों को गुमराह कर रहा है। परेशान किसान अब आंदोलन करने को मजबूर हैं।
पड़ोसी जिलों में भी एकजुट होने लगे किसान
आगरा के पड़ोसी जिले फिरोजाबाद में भारतीय किसान यूनियन भानू गुट की हड़ताल पहले से चल ही रही है। मथुरा के भी कुछ इलाकों में किसानों के एकजुट होने की खबर है। इससे संभावना है कि आगामी दिनों में प्रदेश सरकार के लिए मुसीबत खड़ी होने वाली है।
किरावली, खेरागढ़, फतेहाबाद में हुआ था सबसे अधिक नुकसान
आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से आगरा जनपद के किरावली, खेरागढ़ और फतेहाबाद क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ था। यहां तूफान के दौरान जनहानि का आंकड़ा भी सबसे अधिक रहा था। लेकिन किसानों को प्रदेश सरकार की ओर से मुआवजे के नाम पर कुछ खास हासिल नहीं हो सका। एेसे में किसान गुस्से में हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी करने के लिए एकजुट होना शुरू कर दिया है।