
आगरा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 21 दिन से एम्स(AIIMS) में भर्ती हैं। 93 साल के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न atal bihari vajpayee आगरा के बटेश्वर में पले बढ़े हैं। उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था लेकिन, बटेश्वर में उनके परिजन काफी साल रहे। पूर्व प्रधानमंत्री ने जिस गांव में अपना बचपन गुजारा था आज आज उस गांव की गलियां सूनी पड़ी है। जब लोगों को एम्स में उनकी तबियत नाजुक होने की सूचना मिली तो स्वास्थ्य के लिए कामना शुरू हो गई।
बटेश्वर की जमीन पर बीता था बचपन
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने बटेश्वर की जमीन पर अपना बचपन गुजारा था। बटेश्वर की गलियों में उन्होंने खूम मस्ती की थी। यहां खेलकूद कर बड़े हुए और शिक्षा के लिए ग्वालियर चले गए। बटेश्वर में आज भी उनका पैतृक स्थल है। बटेश्वर के ब्रह्मलालजी मंदिर के पुजारी और अटलजी के पारिवारिक भतीजे राकेश वाजपेयी सहित कई रिश्तेदार वहां रहते हैं। ब्रह्मलालजी मंदिर में गुरुवार को उनके स्वास्थ्य की कामना के लिए मंहत और कई लोगों ने महामत्रुंजय मंत्र का जाप शुरू कर दिया। अटल बिहारी वाजपेजी के पारिवारिक भतीजे रमेश वाजपेयी और पत्नी राजेश्वरी देवी ने उनकी सेहत के लिए कामना की है। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी की बहन की पुत्रवधू निर्मला दीक्षित का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री के नाजुक स्वास्थ्य की जानकारी होते ही उनके स्वास्थ्य की कामना की जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत नाजुक है और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। इसके बाद रिश्तेदार चिंतित हो गए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी भांजी बहू गंगा देवी अटलजी को चूरमा के लड्डू बनाती थी। अटलजी को चूरमा लड्डू बहुत प्रिय है। सभी लोग अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।
AIIMS ने जारी किया था बुलेटिन
बता दें कि एम्स ने बुलेटिन जारी कर कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री पिछले नौ हफ्तो से भर्ती हैं और उनकी हालत पिछले 24 घंटों से काफी नाजुक है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। इसके बाद भारत रत्न के प्रशंसक और भाजपा कार्यकर्ता उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नाजुक, एम्स के बुलेटिन में इस बीमारी का खुलासा