
आगरा। 2005 से आ रहा गंगाजल अब शायद अक्टूबर 2018 में मिल सकेगा। गंगाजल प्रोजेक्ट को लेकर प्रयासरत विधायक योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की सभी बाधाएं दूमर हो चुकी हैं। अब घर घर गंगाजल का विरतण और अपर गंगा नहर से परियोजना को यथा समय गंगाजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सिचाई मंत्री से वार्ता की गई है।
140 क्यूसेक मिलेगा पानी
प्रेसवार्ता कर आगरा दक्षिण से विधायक योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद गंगाजल उपलब्ध होने में देरी न हो, क्योकि 2005 में यह नीतिगत निर्णय कर शासनादेश जारी हुआ था कि अपर गंगा नहर से प्रतिदिन 150 क्यूसेक पानी दिया जाएगा। इसमें आगरा के लिए 140 क्यूसेक और मथुरा के लिए 10 क्यूसेक पानी की व्यवस्था है। इस दृष्टि से उन्होंने शासनादेश की प्रति प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सिचाई मंत्री धर्मपाल सिंह से वार्ता की। सिचाई मंत्री ने विभाग के प्रमुख अभियंता को आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए। उसके उपरांत भाजपा विधायक ने प्रमुख अभियंता से वार्ता कर गंगाजल प्रोजेक्ट के अतीत, संदर्भित शासनादेश और प्रोजेक्ट पूर्ण होने के साथ ही बिना विलब् के प्रोजेक्ट को गंगाजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता से अवगत कराया।
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अक्टूबर 2018 तक मिलेगा गंगाजल
विधायक ने बताया कि गंगाजल प्रोजेक्ट से अक्टूबर 2018 तक आगरा के जल संस्थान को गंगाजल मिल जाएगा। अब उसको आगरा की जनता तक उपलब्ध कराने का दायित्व नगर निगम आगरा और जल संस्थान आगरा पर आएगा। इसके उत्तम और प्रभावरी प्रबंध के लिए भाजपा विधायक ने एक प्रतिवेदन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया, जिसमें उसके प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए त्रिस्तरीय कार्य योजना पर वार्ता की।