
आगरा।निपाह वायरस ने केरल में अटैक किया है। आगरा में अलर्ट जारी है। लेकिन, भीषण गर्मी ने 'गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल' के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। शहर के निजी और सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोग निपाह वायरस से इस कदर डरे हुए हैं कि बुखार, पेट दर्द, डायरिया और उल्टी में निपाह वायरस का खतरा होने का भय सता रहा है और चिकित्सक से इससे बचाव की सलाह ले रहे हैं।
वायरस का खतरा, बदल रहे डॉक्टर
बुखार लगातार बदल रहा है। दो से तीन दिन रहने वाला बुखार आज सात से 10 दिन तक चल रहा है। केरल में हुए निपाह वायरस के अटैक ने लोगों को डरा दिया है। तापमान लगातार बढ़ रहा है। 46 डिग्री सेल्सियस में खुले हुए दूषित खाद्य पदार्थ खाने से लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। पेट दर्द, बुखार, उल्टी और डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल' ग्रुप ऑफ वायरस (पेट में संक्रमण करने वाले वायरस) सक्रिय हो गए हैं। इस मौसम में रोटा वायरस भी सक्रिय हो रहा है। ऐसे में मरीज परेशान है कि किस बीमारी की दवा लें। चिकित्सकों के पास आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बुखार सात से 10 दिन तक चल रहा है। ऐसे में मरीज बुखार सही न होने पर डॉक्टर बदल रहे हैं।
निपाह की जानकारी ले रहे मरीज
आगरा में ऐसे बुखार आने पर मरीज चिकित्सक के पास पहुंचकर निपाह वायरस की जानकारी ले रहे हैं। निजी अस्पताल, सरकारी अस्पताल में तीस फीसदी से अधिक मरीजों का इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार निपाह के खतरे को देखते हुए नजर बनाए हुए हैं। सीएमओ डॉ.मुकेश कुमार वत्स का कहना है कि सभी स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएन टंडन का कहना है कि इस मौसम में गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल लोगों को बीमार कर रहे हैं, पेट में सूजन, डायरिया के साथ बुखार आ रहा है। खान पान पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।