हिंदू संगठनों में आक्रोश व्याप्त, प्रधानमंत्री और जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री का पुतला फूंका
आगरा। रमजान के दौरान घाटी में सेना की ओर से गोलाबारी ना करने के भारत सरकार के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। हिंदूवादी संगठनों में इस बात को लेकर रोष व्याप्त है। प्रधानमंत्री की मंजूरी दिए जाने के बाद शुक्रवार को आगरा में हिंदूवादी संगठनों ने भारत के प्रधानमंत्री और जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया। हिंदूवादियों का कहना है कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता है।
पुतला फूंक कर जताया विरोध
हिंदूवादी संगठन महामाई मित्र मंडल सेवा समिति घाटी में हो रहे आतंकवादी हमलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उठाए गए कदम से आक्रोशित है। रामबाग चौराहे पर जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और आतंकवाद का सामूहिक रूप से पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। पुतला दहन के दौरान सभी ने पकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी और पीएम मोदी के साथ जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से आतंकियों का खात्मा करने की मांग की।
सेना के हाथ खोल दें और सीधे दें आदेश
समिति की मंडल संयोजिका मीना दिवा कर ने कहा कि पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती की मांग का समर्थन करते हुए रमजान के दौरान सेना व पुलिस घाटी में किसी पर गोली ना चलाए जाने पर मंजूरी दी है, जिस कारण आतंकवादियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। इस फैसले से भारतीय सेना के हाथ बांध दिए है। इस कदम के बाद आतंकवादी रोज घाटी में आतंकवाद की घटनाओं को अंजाम देंगे। आरोप लगाए कि प्रधानमंत्री के बयान से सेना का मनोबल टूटा है। हिंदूवादियों ने मांग भी कि प्रधानमंत्री अपना कदम वापस लें और भारतीय सेना व पुलिस को आतंकवादियों को उनके घरों में घुसकर गोली मारने का आदेश दें। पुतला दहन में अर्चना सविता, शकुंतला कुशवाहा, बेबी, राजेश्वरी देवी, रोनक ठाकुर, गुड्डू, संजू, अंकुर शर्मा, बबीता आदि मौजूद थे।