
आगरा। नदी का सीना चीर कर खनन करने वाले माफियाओं को पकड़ने में पुलिस कामयाबी हासिल हुई है। वनविभाग का एक कर्मचारी सर्विलांस टीम की मदद से पकड़ा गया है। उसके पास डेढ़ लाख रुपये की नगदी भी बरामद हुई है। अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है कि ये रकम अवैध रेत के लिए ली गई थी। वनविभाग के कर्मचारी की मिलीभगत होने से महकमे में खलबली मची हुई है।
दरअसल एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर सर्विलांस टीम का गठन किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वनकर्मी ही खनन माफिया के साथ मिलकर पिनाहट सर्किल में खनन करा रहे थे। कई लोगों पर पुलिस की निगाह थी। सीओ पिनाहट और उनकी टीम ने बसई अरेला क्षेत्र से एक वनकर्मी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी भी जांच को बसई अरेला पहुंचे।
कई स्थानों पर हो रहा है रेत का अवैध कारोबार
पिनाहट सर्किल में कई जगहों पर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। वन विभाग की टीम जब भी कार्रवाई के लिए पहुंचती है तो खनन माफिया की टीम हमला कर फरार हो जाती है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके थे। पुलिस अधिकारियों के पास सूचना आई थी कि कुछ वनकर्मी ही इन रेत माफियाओं से मिले हुए हैं। एसएसपी अमित पाठक ने सर्विलांस टीम के साथ सीओ पिनाहट मोहसिन खान हो लगाया। सीओ मोहसिन खान ने अपने सर्किल के कई थाना क्षेत्रों में रात को चेकिंग करना शुरू कर दी थी। सर्विलांस टीम से इनपुट मिलने के बाद बसई अरेला थाना क्षेत्र में रात को चेकिंग के लिए पहुंचे सीओ ने एक वनकर्मी सहित चार लोगों को पकड़ा। पूछताछ में अवैध खनन के खेल से जुडे़ हुए कई मामलों का खुलासा हुआ है। सूत्र बताते हैं कि वन विभाग का कर्मचारी उनसे मिला हुआ था। पकड़े गए वनविभाग के कर्मचारी के पास से डेढ़ लाख रुपये भी बरामद हुए हैं। बसई अरेला क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कुछ लोगों पर वनकर्मियों ने मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अगले ही दिन एक वनकर्मी उन्हीं लोगों के साथ बाइक पर घूमता नजर आया था।