पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर नजर रखने और उसे मुंहतोड जवाब देने के लिए रिमोट सेंसिंग पर चल रहा तेजी से
आगरा। पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर नजर रखने और उसे मुंहतोड जवाब देने के लिए रिमोट सेंसिंग पर तेजी से काम चल रहा है। इससे दिल्ली में बैठकर पाकिस्तान की सीमा के अंदर चल रही गतिविधियों को देखने के साथ दुश्मनों पर हमला भी किया जा सकेगा। एसीई इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट कॉलेज में डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजी द्वारा आयोजित इंस्पायर इंटरनशिप साइंस कैम्प में डिफेंस अपग्रेडेशन, सौर उर्जा और न्यूक्लियर रिएक्टर पर चर्चा की गई।
दुश्मन के ठिकानों का चल सकेगा पता
जीवाजी विश्व विद्यालय ग्वालियर में अर्थ साइंट विभाग के प्रो. मोहपात्रा ने बताया कि डिफेंस के क्षेत्र में पिछले 10 सालों में जो काम हुए थे, उससे कहीं ज्यादा अपग्रेड पिछले दो सालों में हुआ है। इस समय रिमोट सेंसिंग (जीपीएस पर ट्रैफिक की स्थिति जाने में इसका ही प्रयोग होता है) पर काम चल रहा है, इससे सीमा पार पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रखी जा सकती है। आतंकवादी कहां बंकर बना रहे हैं, दुश्मन की सेना के कहा-ठिकाने हैं सब कुछ पता चल जाएगा। साथ ही सीमा पार से हो रहे आतंकवाद को खत्म करने के लिए दिल्ली में बैठकर एक्शन भी लिया जा सकता है। इसके साथ ही रासायनिक हथियारों पर भी नजर रखी जा सकती है। इस क्षेत्र में अभी और काम होना है।
देश में 20 न्यूक्लियर रिएक्टर
वहीं, देश में 20 न्यूक्लियर रिएक्टर हैं, इनसे 6219 मेगावाट बिजली का उत्पादन होना हो रहा है। 2032 तक 48 नए न्यूक्लियर रिएक्टर बनने का लक्ष्य है। देश में एनर्जी की आवश्यकता हर वर्ष लगभग 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। इसके साथ ही सौर उर्जा सहित उर्जा के अन्य विकल्पों को भी इस्तेमाल करना चाहिए। जिससे इनर्जी का सही इस्तेमाल किया जा सके। हर क्षेत्र और राज्य के लिए वहां मौजूद कच्चे माल की उपलब्धता के आधार पर अलग अलग इनर्जी के लिए पॉलिसी होनी चाहिए। अतिथियों का स्वागत कॉलेज के निदेशक व सलाहकार डॉ. संयम गुप्ता ने किया। इंस्पायर कैम्प में आगरा , शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला के 32 स्कूलों के 150 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।