आगरा में गुरुवार रात नौ बजे जगदीशपुरा क्षेत्र के मघटई तिराहा के पास अचानक आग का गोला बन गई। गाड़ी का लॉक नहीं खुलने से चालक उसके अंदर ही फंसकर जिंदा जल गया।
आगरा में दिल दहला देने वाले हादसे में एक व्यक्ति अपनी कार में जिंदा जल गया, सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। कार में सिर्फ कुछ जली हड्डियां मिली जिसे इकट्ठा कर पॉलीथिन में भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ACP लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि शव पूरी तरह राख हो चुका था, कुछ हड्डियों को पालीथीन में भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पीएम होने के बाद शव को परिवार को सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वीरेंद्र ठकवानी जो कि इंश्योरेंस एजेंट थे वे अपनी आई-10 कार से गुरुवार रात बिजपुरी में मघटई तिराहे से होकर जा रहे थे। इसी दौरान कार में आग लग गई, जब उन्होंने दरवाजा खोल कर निकलने की कोशिश की तो सेंट्रल लॉक खराब हो गई।
इस बीच कार में आग ने भीषण रूप अख्तियार कर लिया और वीरेंद्र अंदर ही फंस गए, अंत में तेज आग की लपटों से जल कर खाक हो गए। सड़क पर इस दौरान जाम लग गया, बीच सड़क कार जलती रही और लोग वीडियो बनाते रहे। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स और फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां पहुंची और आधे घंटे में आग पर काबू पाई।
घटना की जानकारी मिलते ही वीरेंद्र ठकवानी के बेटे मानव और आर्यन वहां पहुंचे। वह कार की पहचान करने के बाद बदहवास हो गए। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बच्चों को किसी तरह संभाला। पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र परिवार सहित कमला नगर इलाके के शीतल अपार्टमेंट में रहते थे।
कार के नंबर प्लेट के आधार पर मोबाइल नंबर खोजकर वीरेंद्र की पहचान की गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इस तरह भीषण थी कि जनता चाह कर भी उन्हें बाहर नहीं निकाल सकी।
CFO देवेंद्र सिंह ने बताया कि कार का सेंट्रल लॉक सिस्टम आग लगने से जाम हो गया जिससे गाड़ी का दरवाजा नहीं खुलने की वजह से लोग बाहर नहीं आ पाते हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को सुरक्षा के लिए कार में छोटा हथौड़ा रखना चाहिए, जिससे दरवाजा लॉक होने पर शीशा तोड़कर बाहर आया जा सके।