महागठबंधन की संभावनाओं के चलते भाजपा ने दिया है 51 प्लस प्रतिशत वोट का फॉर्मूला, वर्तमान सांसदों की टिकट पर लटकी तलवार
आगरा। लोकसभा चुनाव में मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित करने के बाद भाजपा की जो हवा चली वो आंधी में बदली। आंधी सुनामी में तब्दील हो गई और यूपी की जनता ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इस बार कांग्रेस, बसपा, सपा सहित तमाम पार्टियां भ्रष्टाचार को खत्म करने, बेरोजगारी को दूर करने के मुद्दे पर एकजुट नहीं हो रही हैं। बल्कि मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोक रही हैं। बीजेपी के चाणक्य अमित शाह ने जब मोदी और योगी सरकार के कसीदे पढ़े तो दूसरी तरफ उन्होंने संकेत दे दिए कि इस बार वर्तमान सांसदों की राह आसान नहीं होने वाली है। ब्रज, पश्चिम और कानपुर क्षेत्र के विस्तारकों संग हुई मीटिंग में शाह जो फाइल बनाकर ले गए हैं उसमें 39 सांसदों का पूरा ब्यौरा रिकॉर्ड है।
39 सांसदों का रिकॉर्ड ले गए शाह, टिकट के समय होगा आखिरी फैसला
भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव 2019 में पूरी दमखम के साथ मैदान में उतरना चाहती है। बसपा और सपा के गठबंधन ने कैराना, फूलपुर, नूरपुर और गोरखपुर के उपचुनावों में भाजपा का जो हाल किया, पार्टी उससे सबक लेकर 2019 की तैयारियों में जुटी है। शाह ने आगरा में ब्रज, पश्चिम और कानपुर क्षेत्र के विस्तारक मंडल के साथ बैठक ली। इसके बाद उन्होंने हर क्षेत्र से आए महत्वपूर्ण व्यक्ति के साथ बैठकर 39 सांसदों का रिकॉर्ड लिया। सूत्र बताते हैं कि गठबंधन के बाद कई सीटों पर वर्तमान सांसदों की टिकट काटी जा सकती है। इनमें ऐसे सांसद शामिल होंगे, जिनका वोट प्रतिशत 50 से कम रहा है। इस बार भारतीय जनता पार्टी गठबंधन को मात देने के लिए अपनी रणनीति को जरूर बदल सकती है।
51 प्लस प्रतिशत फॉर्मूला दे गए शाह
अमित शाह ने तीनों क्षेत्रों के साथ हुई विस्तारकों की बैठकों में जो फॉर्मूला दिया उसमें स्पष्ट कहा कि इस बार 51 प्रतिशत वोट पर ध्यान केंद्रित करना है। शाह ने कहा कि 272 प्लस के साथ 51 प्लस प्रतिशत वोट पर गठबंधन को मात मिलेगी।