आगरा

SC ST Act पर अब आर पार की लड़ाई, 28 को महापंचायत

15 से शुरू हो रही न्याय यात्रा, वहीं 28 को खेरागढ़ के दीनदयाल मंदिर में महापंचायत, सरकार के लिए बड़ी चुनौती
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Oct 14, 2018
allahabad High court
इलाहाबाद हाईकोर्ट

आगरा। सर्व समाज एससी एसटी एक्ट को लेकर खासा आक्रोशित है। एक ओर जहां अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने इस विरोध को लेकर सर्व समाज संघर्ष समिति बनाई। वहीं समान अधिकार पार्टी ने महापंचायत कर इस एक्ट के विरोध का ऐलान किया है। हाल ही में वैश्य समाज के नेता डॉ.सुमंत गुप्ता के निर्देशन में सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन किया गया। दिल्ली में प्रदर्शन के लिए सर्व समाज न्याय यात्रा निकलेगा। 15 अक्टूबर से ये न्याय यात्रा निकलेगी जो दिल्ली तक जाएगी। भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ सर्वण समाज द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को लोकसभा चुनाव 2019 से जोड़कर देखा जा रहा है। सवर्ण समाज ऐलान कर चुका है कि ऐसे सांसदों को बहिष्कार किया जाएगा जिन्होंने संसद में बैठकर इस काले कानून का विरोध तक नहीं किया।

लोकसभा चुनाव में भुगतना होगा परिणाम
सवर्ण समाज द्वारा एससी एसटी एक्ट में किए गए संशोधन का विरोध हो रहा है। संशोधन नहीं होने के विरोध में देवकी नंदन ठाकुर द्वारा मध्य प्रदेश में चुनाव की घोषणा कर दी गई है। एससी एसटी एक्ट को लेकर 28 अक्टूबर को सर्व समाज पार्टी द्वारा महापंचायत का ऐलान किया गया है। समान अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा का कहना है कि 28 अक्टूबर को एससी एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर महापंचायत दीनदयाल धाम मंदिर खेरागढ़ में होने जा रही है। जिसकी तैयारियों जोरों से चल रही हैं। महापंचायत के लिए गांवों में दौरे किए जा रहे हैं। महापंचायत को ग्रामीण क्षेत्रों से भारी समर्थन मिल रहा है। काले कानून के बारे में सभी जातियों को बताया जा रहा है। जाट समुदाय को जागरूक किया जा रहा है। वहीं ओबीसी को भी इस एक्ट के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस महापंचायत के जरिए सरकार पर इस काले कानून को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

तत्काल गिरफ्तारी पर रोक के लिए संशोधन लाए सरकार
सर्व समाज के नेता विनय अग्रवाल का कहना है कि हमेशा एससी एक्ट का दुरुपयोग किया गया है। कोर्ट में 95 प्रतिशत मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमे इस एक्ट का दुरुपयोग कर लोगों को फंसाया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जब इस एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी करने से रोक का नियम दिया गया तो केंद्र सरकार ने इस एक्ट में संशोधन ला दिया और आनन फानन में वोट बैंक की राजनीति के लिए इसे राज्यसभा और लोकसभा में पास करा दिया गया। आज सवर्ण समाज जब इस संशोधन का विरोध कर रहा है तो सरकार खामोश है। सरकार के नेता जनता को गुमराह करने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। 15 अक्टूबर से शुरू होने वाली न्याय यात्रा के लिए जनसंपर्क किया जा रहा है।

Updated on:
14 Oct 2018 04:35 pm
Published on:
14 Oct 2018 04:32 pm