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गड्ढे में फंसी एंबुलेंस और गर्भ में ही मर गया बच्चा, समाधान दिवस में शिकायत के बाद खुला मामला; CMO ने तलब की रिपोर्ट

Health Department Orders Probe: आगरा के गढ़वार गांव में एंबुलेंस गड्ढे में फंसने से प्रसूता समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी जिससे नवजात की गर्भ में ही मौत हो गई। समाधान दिवस में शिकायत के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। अब स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है और CMO ने रिपोर्ट तलब की है। जानिए पूरा मामला...See more
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आगरा

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Mohsina Bano

Sep 07, 2026

Agra News, Ambulance Stuck in Pothole, UP Health Department, CMO Agra, UP News

सांकेतिक तस्वीर

Ambulance Stuck in Pothole: उत्तर प्रदेश के आगरा से सिस्टम की लापरवाही का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां के बाह इलाके के गढ़वार गांव में प्रसव पीड़ा के बाद एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस रास्ते में सड़क के एक गहरे गड्ढे में फंस गई। एंबुलेंस को निकालने में घंटों लग गए जिससे प्रसूता समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी। परिजनों का आरोप है कि इस देरी के कारण बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने रिपोर्ट तलब कर जांच के आदेश दे दिए हैं।

सिस्टम की लापरवाही ने छीनी अजन्मे की जिंदगी

यह दुखद घटना 2 सितंबर, 2026 की है। जानकारी के अनुसार गढ़वार गांव के रहने वाले प्रवेंद्र की पत्नी निधि को रात में तेज प्रसव पीड़ा हुई थी। परिजनों ने तुरंत रात करीब 1 बजे कॉल करके एंबुलेंस बुलाई। एंबुलेंस गांव तो पहुंच गई लेकिन मुख्य मार्ग पर बने एक बड़े गड्ढे में बुरी तरह फंस गई। गांव वालों ने एक ट्रैक्टर की मदद से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को बाहर निकाला। इसके बाद परिजन प्रसूता को लेकर तड़के करीब 3.30 बजे एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव में ज्यादा देरी होने के कारण नवजात की गर्भ में ही मौत हो चुकी है। हालांकि डॉक्टरों ने किसी तरह महिला की जान बचा ली।

समाधान दिवस में शिकायत के बाद खुला मामला

नवजात की मौत का यह मामला तब सामने आया जब गांव के भानु प्रताप सिंह, विभूत नरायन सिंह, रिक्की सिंह, अमित कुमार और हरेंद्र सिंह समेत कई ग्रामीण शनिवार को समाधान दिवस में शिकायत करने पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को पूरी घटना की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की।

आशा कार्यकर्ता और एंबुलेंस चालक की भूमिका की जांच

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए CMO डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने जैतपुर CHC अधीक्षक डॉ. दीपक यादव से पूरी रिपोर्ट तलब की है। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि मामले में कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। विशेष रूप से प्रसूता को सीधे बाह के एक निजी अस्पताल में ले जाने में आशा कार्यकर्ता की भूमिका की भी जांच हो रही है।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि आशा ने उन्हें अस्पताल में प्रसव के लिए ऑपरेशन होने की बात कहकर डराया था। इसके अलावा यह भी आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने प्रसूता को जैतपुर CHC पर छोड़ने के बाद आगे ले जाने के लिए किसी दूसरी एंबुलेंस को कॉल करने के लिए कह दिया था जिसके बाद उन्हें मजबूरन निजी अस्पताल जाना पड़ा।

जल्द CMO को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

जैतपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. दीपक यादव का कहना है कि नवजात की मौत की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। हालांकि एंबुलेंस अस्पताल के सीधे नियंत्रण में नहीं आती है लेकिन फिर भी सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए मामले की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही सीएमओ को भेज दी जाएगी।