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‘बेटी भाग जाती तो बिरादरी को क्या मुंह दिखाता’, बेटी की हत्या कर थाने पहुंचा पिता, बोला- मुझे सजा मंजूर है

Agra Father Kills 17 Year Old Daughter: बेटी की दोस्ती को लेकर परेशान था पिता, रातभर नहीं आई नींद। फिर अगले दिन दोपहर में ऐसा क्या हुआ कि पिता ने 17 वर्षीय किशोरी की हत्या कर दी? पुलिस पूछताछ में सामने आया आगरा की इस घटना का पूरा घटनाक्रम।
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आगरा

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Aman Pandey

Sep 04, 2026

Agra Father Kills 17 Year Old Daughter

आगरा में में पिता ने बेटी को मार डाला। इसके बाद पिता सीधे एकता थाने पहुंचा। पुलिस को बताया कि उसने अपनी बेटी को हत्या कर दी है। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का शव मिला। घटना की जानकारी होने पर ग्रामीण भी जमा हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया घटना में सिर्फ पिता का ही हाथ सामने आया है। मां के भी बयान दर्ज किए जाएंगे।

पिता ने सोते समय ली नाबालिग बेटी की जान

मामला गांव पचगाईं खेड़ा क्षेत्र का है। आरोपी की बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान है। उसकी 17 वर्षीय बेटी इंटर की छात्रा थी। गांव के एक युवक से उसकी दोस्ती थी। युवक दूसरी बिरादरी का है। मंगलवार शाम सात बजे नाबालिग घर पर बताए बिना चली गई थी। रात करीब एक बजे लौटकर आई। इस बात को लेकर घर में दो दिन से क्लेश चल रहा था। आरोपी का बेटा गुरुग्राम में नौकरी करता है। दोपहर को वह गुरुग्राम चला गया। पत्नी किसी काम से घर से बाहर गई थी। इस दौरान आरोपी की 17 वर्षीय बेटी अपने कमरे में अकेली थी। गुस्से में पिता ने बांक से उसके सिर पर प्रहार किया और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद थाने पहुंचा और पूरी घटना बताई।

युवक से दोस्ती को लेकर घर में चल रहा था विवाद

हत्यारोपी पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की एक युवक से दोस्ती को लेकर घर में विवाद चल रहा था। मंगलवार रात बेटी करीब 1 बजे घर लौटी। मैंने बेटी को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा। उससे कहा कि आगे चलकर उसकी शादी अच्छे परिवार में कराएगा। लेकिन बेटी युवक से दोस्ती को लेकर बात मानने को तैयार नहीं थी। इसके बाद पूरी रात सो नहीं सका।

बुधवार सुबह उसे लगा कि शायद बात संभल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दिन की शुरुआत ही बेटी को लेकर घर में विवाद से हुई। दिनभर इसी मुद्दे पर तनाव बना रहा। उसे और उसकी पत्नी को लगातार यही चिंता सता रही थी कि अगर बेटी घर छोड़कर चली गई तो समाज और बिरादरी में परिवार की बदनामी होगी। यही बात पूरे दिन उसके दिमाग में चलती रही।

गुरुवार दोपहर वह दुकान से घर आया। पत्नी काम से बाहर गई हुई थी। बेटी घर में अकेले सो रही थी। उसे देखकर अचानक मुझे गुस्सा आ गया। मैंने बांक उठाया और बेटी के सिर पर उल्टे बांक से हमला कर दिया। बेटी की चीख तक नहीं निकली। इसके बाद मैंने उसका गला दबा दिया। जब तक मुझे ये नहीं लगा कि बेटी की जान निकल गई है तब तक गला दबाता रहा।

पुलिस ने चंद्रवीर से पूछा कि उसे एक पल भी यह ख्याल नहीं आया कि वह उसकी अपनी बेटी है। हत्या के मामले में उसे जेल जाना पड़ेगा। सजा होगी। यह सुनने के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उसने पुलिस से कहा कि मुझे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। दोस्त से बातचीत करेगी पुलिस

एसीपी ने बताया कि लड़की के दोस्त से भी पुलिस पूछताछ करेगी। यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि छात्रा ने अपने घर के बारे में उसे क्या बताया था। दोनों की दोस्ती कितनी पुरानी थी। घर में क्लेश कितने दिन से चल रही थी। हत्या से पहले छात्रा ने उससे बात तो नहीं की थी। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच करेगी। पुलिस उस मोबाइल को भी कब्जे में लेगी जो घर में है।